महागणपति वेदपाद स्तोत्र

श्रीकण्ठतनय श्रीश श्रीकर श्रीदलार्चित।
श्रीविनायक सर्वेश श्रियं वासय मे कुले।
गजानन गणाधीश द्विजराजविभूषित।
भजे त्वां सच्चिदानन्द ब्रह्मणां ब्रह्मणास्पते।
णषाष्ठवाच्यनाशाय रोगाटविकुठारिणे।
घृणापालितलोकाय वनानां पतये नमः।
धियं प्रयच्छते तुभ्यमीप्सितार्थप्रदायिने।
दीप्तभूषणभूषाय दिशां च पतये नमः।
पञ्चब्रह्मस्वरूपाय पञ्चपातकहारिणे।
पञ्चतत्त्वात्मने तुभ्यं पशूनां पतये नमः।
तटित्कोटिप्रतीकाश- तनवे विश्वसाक्षिणे।
तपस्विध्यायिने तुभ्यं सेनानिभ्यश्च वो नमः।
ये भजन्त्यक्षरं त्वां ते प्राप्नुवन्त्यक्षरात्मताम्।
नैकरूपाय महते मुष्णतां पतये नमः।
नगजावरपुत्राय सुरराजार्चिताय च।
सुगुणाय नमस्तुभ्यं सुमृडीकाय मीढुषे।
महापातक- सङ्घाततमहारण- भयापह।
त्वदीयकृपया देव सर्वानव यजामहे।
नवार्णरत्ननिगम- पादसंपुटितां स्तुतिम्।
भक्त्या पठन्ति ये तेषां तुष्टो भव गणाधिप।

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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Comments Hindi

mnrub
Ram Ram -Aashish

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 -User_sdh76o

Om namo Bhagwate Vasudevay Om -Alka Singh

आपको नमस्कार 🙏 -राजेंद्र मोदी

बहुत बढिया चेनल है आपका -Keshav Shaw

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