वक्रतुंड स्तव

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वेदधारा ने मेरी सोच बदल दी है। 🙏 -दीपज्योति नागपाल

सनातन धर्म के भविष्य के लिए वेदधारा का योगदान अमूल्य है 🙏 -श्रेयांशु

वेदधारा का कार्य सराहनीय है, धन्यवाद 🙏 -दिव्यांशी शर्मा

वेदधारा ने मेरे जीवन में बहुत सकारात्मकता और शांति लाई है। सच में आभारी हूँ! 🙏🏻 -Pratik Shinde

वेदधारा की समाज के प्रति सेवा सराहनीय है 🌟🙏🙏 - दीपांश पाल

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नमस्तुभ्यं गणेशाय ब्रह्मविद्याप्रदायिने।
यस्यागस्त्यायते नाम विघ्नसागरशोषणे।
नमस्ते वक्रतुण्डाय त्रिनेत्रं दधते नमः।
चतुर्भुजाय देवाय पाशाङ्कुशधराय च।
नमस्ते ब्रह्मरूपाय ब्रह्माकारशरीरिणे।
ब्रह्मणे ब्रह्मदात्रे च गणेशाय नमो नमः।
नमस्ते गणनाथाय प्रलयाम्बुविहारिणे।
वटपत्रशयायैव हेरम्बाय नमो नमः।

 

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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