गणेश षोडश नाम स्तोत्र

सुमुखश्चैकदन्तश्च कपिलो गजकर्णकः।
लम्बोदरश्च विकटो विघ्नराजो विनायकः।
धूम्रकेतुर्गणाध्यक्षो भालचन्द्रो गजाननः।
वक्रतुण्डः शूर्पकर्णो हेरम्बः स्कन्दपूर्वजः।
कलासङ्ख्यानि नामानि यः पठेच्छृणुयादपि।
विद्यारम्भे विवाहे च प्रवेशे निर्गमे तथा।
सङ्ग्रामे सर्वकार्येषु विघ्नस्तस्य न जायते।

 

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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