दत्त गुरु स्तोत्र

सुनीलमणिभासुरा- दृतसुरातवार्ता सुरा-
सुरावितदुराशरावित- नरावराशाम्बरा।
वरादरकरा कराक्षणधरा धरापादराद-
रारवपरा परा तनुरिमां स्मराम्यादरात् ।
सदादृतपदा पदाहृतपदा सदाचारदा
सदानिजहृदास्पदा शुभरदा मुदा सम्मदा।
मदान्तकपदा कदापि तव दासदारिद्रहा
वदान्यवरदास्तु मेऽन्तर उदारवीरारिहा।
जयाजतनयाभया सदुदया दयार्द्राशया
शयात्तविजयाजया तव तनुस्तया हृत्स्थया।
नयादरदया दयाविशदया वियोगोनया
तयाश्रय न मे हृदास्तु शुभया भया भातया।
चिदात्यय उरुं गुरुं यमृषयोपि चेरुर्गुरुः
स्वशान्तिविजितागुरुः समभवत्स पृथ्वीगुरुः।
अजं भवरुजं हरन्तमुषिजं नरा अत्रिजं
भजन्तु तमधोक्षजं सुमनसा- ऽनसूयात्मजम्।
नमोऽस्तु गुरवे स्वकल्पतरवेऽत्र सर्वोरवे
रवेरधिरुचे शुचे मलिनभक्तहृत्कारवे ।
अवेहि तव किङ्करं शिरसि धेहि मे शङ्करं
करं तव वरं वरं न च परं वृणे शङ्करम्।

 

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

92.7K

Comments Hindi

urh7s
Ram Ram -Aashish

आपको नमस्कार 🙏 -राजेंद्र मोदी

बहुत बढिया चेनल है आपका -Keshav Shaw

🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 -मदन शर्मा

प्रणाम गुरूजी 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 -प्रभास

Read more comments

Other languages: English

Other stotras

Copyright © 2024 | Vedadhara | All Rights Reserved. | Designed & Developed by Claps and Whistles
| | | | |