एक श्लोकी महाभारत

आदौ पाण्डवधार्तराष्ट्रजननं लाक्षागृहे दाहनं
द्यूते श्रीहरणं वने विहरणं मत्स्यालये वर्तनम्।
लीलागोग्रहणं रणे विहरणं सन्धिक्रियाजृम्भणं
पश्चाद्भीष्मसुयोधनादिनिधनं ह्येतन्महाभारतम्।।

संक्षिप्त में महाभारत -
पाण्डवों और कौरवों का जन्म,
लाक्षागृह में पाण्डवों को मारने की कोशिश,
द्यूत क्रीडा में पाण्डवों के द्वारा सब कुछ खोना,
बारह सालों तक पाण्डवों का वनवास,
पाण्डवों के एक साल तक विराट देश में अज्ञातवास,
कौरवों के द्वारा विराट देश से गायों को चोरी करने की कोशिश
और उनका पराजय,
बातचीत द्वारा शांति पाने का प्रयत्न,
कुरुक्षेत्र के युद्ध में भीष्म, दुर्योधन आदियों की मृत्यु।

 

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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आपकी सेवा से सनातन धर्म का भविष्य उज्ज्वल है 🌟 -mayank pandey

वेदधारा के कार्यों से हिंदू धर्म का भविष्य उज्जवल दिखता है -शैलेश बाजपेयी

वेद पाठशालाओं और गौशालाओं के लिए आप जो कार्य कर रहे हैं उसे देखकर प्रसन्नता हुई। यह सभी के लिए प्रेरणा है....🙏🙏🙏🙏 -वर्षिणी

वेदधारा के धर्मार्थ कार्यों में समर्थन देने पर बहुत गर्व है 🙏🙏🙏 -रघुवीर यादव

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