लक्ष्मी द्वादश नाम स्तोत्र

श्रीः पद्मा कमला मुकुन्दमहिषी लक्ष्मीस्त्रिलोकेश्वरी
मा क्षीराब्धिसुता विरिञ्चिजननी विद्या सरोजासना।
सर्वाभीष्टफलप्रदेति सततं नामानि ये द्वादश
प्रातः शुद्धतराः पठन्त्यभिमतान् सर्वान् लभन्ते शुभान्।

 

 

 

 

 

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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आपकी वेबसाइट से बहुत सी नई जानकारी मिलती है। -कुणाल गुप्ता

वेदधारा की सेवा समाज के लिए अद्वितीय है 🙏 -योगेश प्रजापति

सनातन धर्म के भविष्य के प्रति आपकी प्रतिबद्धता अद्भुत है 👍👍 -प्रियांशु

Om namo Bhagwate Vasudevay Om -Alka Singh

वेदधारा की धर्मार्थ गतिविधियों में शामिल होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं - समीर

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