अथर्व वेद का देवी देव्यामधि सूक्त

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वेदधारा का कार्य अत्यंत प्रशंसनीय है 🙏 -आकृति जैन

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कृपया मेरे लिए प्रार्थना करें, मैं काले जादू तथा पेट दर्द और कैंसर से पीड़ित हूँ। 🙏🙏 -मनोज श्रीवास्तव

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आदि राम कौन है?

कबीरदास जी के अनुसार आदि राम - एक राम दशरथ का बेटा, एक राम घट घट में बैठा, एक राम का सकल उजियारा, एक राम जगत से न्यारा - हैं। दशरथ के पुत्र राम परमात्मा, जगत की सृष्टि और पालन कर्ता हैं।

भागवत के मार्ग में ज्ञान और वैराग्य कैसे विकसित होते हैं?

भागवत के मार्ग में साधक को केवल भगवान में रुचि के साथ उनकी महिमाओं का श्रवण यही करना है। भक्ति अपने आप विकसित होगी। भक्ति का विकास होने पर ज्ञान और वैराग्य अपने आप आ जाएंगे।

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इनमें से मुक्ति की एक अवस्था कौन सी नहीं है ?

देवी देव्यामधि जाता पृथिव्यामस्योषधे । तां त्वा नितत्नि केशेभ्यो दृंहणाय खनामसि ॥१॥ दृंह प्रत्नान् जनयाजातान् जातान् उ वर्षीयसस्कृधि ॥२॥ यस्ते केशोऽवपद्यते समूलो यश्च वृश्चते । इदं तं विश्वभेषज्याभि षिञ्चामि वी....

देवी देव्यामधि जाता पृथिव्यामस्योषधे ।
तां त्वा नितत्नि केशेभ्यो दृंहणाय खनामसि ॥१॥
दृंह प्रत्नान् जनयाजातान् जातान् उ वर्षीयसस्कृधि ॥२॥
यस्ते केशोऽवपद्यते समूलो यश्च वृश्चते ।
इदं तं विश्वभेषज्याभि षिञ्चामि वीरुधा ॥३॥

यां जमदग्निरखनद्दुहित्रे केशवर्धनीम् ।
तां वीतहव्य आभरदसितस्य गृहेभ्यः ॥१॥
अभीशुना मेया आसन् व्यामेनानुमेयाः ।
केशा नडा इव वर्धन्तां शीर्ष्णस्ते असिताः परि ॥२॥
दृंह मूलमाग्रं यच्छ वि मध्यं यामयौषधे ।
केशा नडा इव वर्धन्तां शीर्ष्णस्ते असिताः परि ॥३॥

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