गुरुशुश्रूषया विद्या

गुरुशुश्रूषया विद्या

गुरुशुश्रूषया विद्या पुष्कलेन धनेन वा |
अथवा विद्यया विद्या चतुर्थी नोपलभ्यते ||

 

विद्या प्राप्त करनी है तो उस के तीन ही मार्ग होते हैं | गुरु की सेवा कर के विद्या प्राप्त करें | धन प्रदान कर के विद्या प्राप्त करें | कुछ सिखाकर कुछ सीखें |
इन तीन मार्ग के विना विद्या प्राप्त नहीं होगी |

 

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