प्रथमे नार्जिता विद्या

प्रथमे नार्जिता विद्या

प्रथमे नार्जिता विद्या द्वितीये नार्जितं धनम् |
तृतीये नार्जितं पुण्यं चतुर्थे किं करिष्यति ||

 

जीवने के पहले खंड में विद्या कमानी चाहिए | जीवन के दूसरे खंड में धन कमाना चाहिए | जीवन के तीसरे खंड में पुण्य कमामा चाहिए | अगर इन समय में यह सब नहीं कमाया तो जीवन के आखरी खंड में क्या होगा?

 

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