विद्वान् सर्वत्र पूज्यते

स्वगेहे पूज्यते गेही स्वग्रामे पूज्यते प्रभुः|
स्वदेशे पूज्यते राजा विद्वान् सर्वत्र पूज्यते|

 

घर संभालने वालों की अपने घर मे पूजा होती है| गांव के अधिपति की अपने गांव में ही पूजा होती है| एक राजा की अपने ही देश में पूजा होती है| पर एक विद्वान की तो दुनियां के हर कोने कोने में पूजा होती है| इन सभी पदों में विद्वान - यह पद ही सर्वश्रेष्ठ है|

 

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बहुत प्रेरणादायक 👏 -कन्हैया लाल कुमावत

इस परोपकारी कार्य में वेदधारा का समर्थन करते हुए खुशी हो रही है -Ramandeep

वेदधारा की सेवा समाज के लिए अद्वितीय है 🙏 -योगेश प्रजापति

प्रणाम गुरूजी 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 -प्रभास

वेदधारा के धर्मार्थ कार्यों में समर्थन देने पर बहुत गर्व है 🙏🙏🙏 -रघुवीर यादव

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Humidity in the atmosphere - Vedic term

Veda calls humidity in the atmosphere Agreguvah (अग्रेगुवः). It is also called Agrepuvah (अग्रेपुवः) since it purifies the atmosphere.

पुरूरवा कौन है?

पुरूरवा बुध और इला (सुद्युम्न) का पुत्र है।

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