महान् महत्स्वेव करोति विक्रमम्

तृणानि नोन्मूलयति प्रभञ्जनो मृदूनि नीचैः प्रणतानि सर्वतः ।
स्वभाव एवोन्नतचेतसामयं महान् महत्स्वेव करोति विक्रमम् ।।

चक्रवात के आने पर बडे बडे पेड नीचे गिर जाते है । पर तब छोटे छोटे तृणों को कोई हानि नहीं होती । महान व्यक्ति अपने से बराबर व्यक्ति के साथ ही मुकाबला करते है, अपने से छोटे व्यक्तियों को वे हानि नहीं पहुंचाते ।

 

हिन्दी

हिन्दी

सुभाषित

Click on any topic to open

0

Copyright © 2026 | Vedadhara | All Rights Reserved. | Designed & Developed by Claps and Whistles
| | | | |
Vedahdara - Personalize

We use cookies