त्रीणि रम्यानि दूरतः

त्रीणि रम्यानि दूरतः

पर्वता दूरतो रम्याः समुद्राणि च भूतले ।
युद्धस्य तु कथा रम्या त्रीणि रम्यानि दूरतः ।।

 

पर्वत और समुद्र, दूर से देखने में ही अच्छे लगते हैं । पास जाने पर ये दोनों विपत्तिजनक होते हैं । युद्ध, कहानियों में ही अच्छा लगता है । यदि निजी जीवन में किसी के साथ युद्ध हो गया तो वह अच्छा नहीं होता ।

 

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