मृगशिरा नक्षत्र

Mrigasira Nakshatra Symbol

  

वृषभ राशि के २३ अंश २० कला से मिथुन राशि के ६ अंश ४० कला तक जो नक्षत्र व्याप्त है, उसे मृगशिरा कहते हैं। वैदिक खगोल विज्ञान में यह पांचवां नक्षत्र है। आधुनिक खगोल विज्ञान के अनुसार मृगशिरा नक्षत्र का नाम है लाम्बडा और फै ओरायोनिस।

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Mrigshira Nakshatra Mantra 108 Times | Mrigshira Nakshatra Devta Mantra | Mrigshira Nakshatra Mantra

 

व्यक्तित्व और विशेषताएं  

मृगशिरा वृषभ एवं मिथुन राशि दोनों के लिए

  • हाजिरजवाबी
  • चतुर
  • प्रभावशाली भाषण
  • स्वार्थ
  • कार्यकुशल
  • निष्ठावान
  • सुन्दर
  • अच्छी हस्तलेख
  • जीवन की शुरुआत में संघर्ष
  • परिश्रम द्वारा सफलता
  • क्रोधी
  • मित्रों से व्यसन
  • अतिव्ययी
  • आडंबर प्रिय 

सिर्फ मृगशिरा नक्षत्र वृषभ राशि के लिए

  • सतर्क
  • बलवान
  • उत्साही
  • आकर्षक व्यक्तित्व
  • कभी कभी कठोर भाषण
  • कलहप्रिय 

सिर्फ मृगशिरा नक्षत्र वृषभ राशि के लिए

  • ऊर्जावान
  • मौज मस्ती पसंद
  • व्यापार में समर्थ
  • स्मरण शक्ति
  • नेतृत्व
  • धन संपत्ति
  • अधिक कामनाएं 

प्रतिकूल नक्षत्र

  • पुनर्वसु
  • आश्लेषा
  • पूर्वा फल्गुनी
  • मृगशिरा वृषभराशि के लिए - मूल, पूर्वाषाढा, उत्तराषाढा धनु राशि
  • मृगशिरा मिथुन राशि के लिए - उत्तराषाढा मकर राशि, श्रवण, धनिष्ठा मकर राशि

मृगशिरा नक्षत्र में जन्म लेने वालों को इन दिनों महत्वपूर्ण कार्य नहीं करना चाहिए और इन नक्षत्रों में जन्मे लोगों के साथ भागीदारी नहीं करना चाहिए। 

स्वास्थ्य

मृगशिरा नक्षत्र में जन्म लेने वालों को इन स्वास्थ्य से संबन्धित समस्याओं की संभावना है- 

मृगशिरा नक्षत्र वृषभ राशि

  • मुंहासा
  • चेहरे पर चोट लगना
  • गले की बीमारियां
  • गर्दन में दर्द
  • कान के पास गांठें
  • नाकडा
  • गुप्त रोग
  • सर्दी
  • खांसी
  • जुकाम
  • मूत्रावरोध
  • कब्ज 

मृगशिरा नक्षत्र मिथुन राशि

  • खून से संबन्धित बीमारियां
  • खुजली
  • कमर दर्द
  • पैरों में दर्द
  • भुजाओं में चोट
  • कंधों में दर्द
  • हृद्रोग 

व्यवसाय

मृगशिरा नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए कुछ अनुकूल व्यवसाय- 

मृगशिरा वृषभ राशि

  • भूमि व्यापार
  • भवन निर्माण
  • संगीत
  • वाद्य यंत्र का निर्माण
  • प्रदर्शनी आयोजन
  • गुण नियंत्रण
  • दर्जी
  • खाद
  • चांदी
  • वाहन
  • खाल
  • मिठाई
  • तंबाकू
  • पशु चिकित्सा
  • पशु पालन
  • गाडी चलाना
  • फल
  • कपडे का कारोबार
  • रत्न व्यापार
  • प्रसाधन सामग्री
  • तेल
  • सिनेमा
  • फोटोग्राफी
  • कर विभाग
  • शादी से संबन्धित कार्य 

मृगशिरा मिथुन राशि

  • यंत्र का कार्य
  • विद्युत उपस्कर
  • चिकित्सा के उपकरण
  • फोन
  • कूरियर
  • डाक विभाग
  • सरजन
  • सेना
  • गणित
  • खगोल विज्ञान
  • ठेकेदारी
  • इलेक्ट्रोनिक उपस्कर
  • दलाली
  • प्रकाशन
  • पत्रकार
  • कपडों का कारोबार
  • फल
  • फूल
  • शिक्षक
  • जासूस
  • आडिटर
  • लेखक 

क्या मृगशिरा नक्षत्र वाला व्यक्ति हीरा धारण कर सकता है?

हां। अनुकूल है। 

भाग्यशाली रत्न

मूंगा 

अनुकूल रंग

लाल

मृगशिरा नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम

मृगशिरा नक्षत्र के लिए अवकहडादि पद्धति के अनुसार नाम का प्रारंभिक अक्षर हैं-

  • पहला चरण - वे
  • दूसरा चरण - वो
  • तीसरा चरण - का
  • चौथा चरण - की

नामकरण संस्कार के समय रखे जाने वाले पारंपरिक नक्षत्र-नाम के लिए इन अक्षरों का उपयोग किया जा सकता है।

शास्त्र के अनुसार नक्षत्र-नाम के अलावा एक व्यावहारिक नाम भी होना चाहिए जो रिकॉर्ड में आधिकारिक नाम रहेगा। उपरोक्त प्रणाली के अनुसार रखे जाने वाला नक्षत्र-नाम केवल परिवार के करीबी सदस्यों को ही पता होना चाहिए।

मृगशिरा नक्षत्र में जन्म लेने वालों के व्यावहारिक नाम इन अक्षरों से प्रारंभ न करें -

  • मृगशिरा वृषभ राशि - क, ख, ग, घ, ट, ठ, ड, ढ, अ, आ, इ, ई, श।
  • मृगशिरा मिथुन राशि - च, छ, ज, झ, त, थ, द, ध, न, उ, ऊ, ऋ, ष। 

वैवाहिक जीवन

मृगशिरा नक्षत्र वाले अपने स्वार्थ को काबू में रखने का प्रयास करें। व्यसन इनके दांपत्य जीवन में समस्या बन सकते हैं। परिश्रमी और अभिलाषी होने के कारण इनके परिवार में प्रगति होगी। 

उपाय

मृगशिरा नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए बुध, बृहस्पति और शुक्र की दशाएं आमतौर पर प्रतिकूल होती हैं। वे निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं।

मंत्र

ॐ सोमाय नमः 

मृगशिरा नक्षत्र

  • स्वामी - चन्द्रमा
  • अधीश ग्रह - चन्द्रमा
  • पशु - सांप
  • वृक्ष - खैर
  • पक्षी - शिकरा
  • भूत - पृथ्वी
  • गण - देव
  • योनि - सांप ( स्त्री )
  • नाडी - मध्य
  • प्रतीक - हिरण का सर

 

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Comments

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आपकी वेबसाइट से बहुत कुछ जानने को मिलता है।🕉️🕉️ -नंदिता चौधरी

वेदधारा की वजह से मेरे जीवन में भारी परिवर्तन और सकारात्मकता आई है। दिल से धन्यवाद! 🙏🏻 -Tanay Bhattacharya

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रेवती नक्षत्र का मंत्र क्या है?

पूषा रेवत्यन्वेति पन्थाम्। पुष्टिपती पशुपा वाजवस्त्यौ। इमानि हव्या प्रयता जुषाणा। सुगैर्नो यानैरुपयातां यज्ञम्। क्षुद्रान्पशून्रक्षतु रेवती नः। गावो नो अश्वां अन्वेतु पूषा। अन्नं रक्षन्तौ बहुधा विरूपम्। वाजं सनुतां यजमानाय यज्ञम्। (तै.ब्रा.३.१.२)

गौ पूजन मंत्र क्या है?

ॐ सुरभ्यै नमः

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