समृद्धि के लिए वास्तु पुरुष मंत्र

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Om namo Bhagwate Vasudevay Om -Alka Singh

यह मंत्र मेरे मन को शांति देता है। 🕉️ -riya singh

यह वेबसाइट अद्वितीय और शिक्षण में सहायक है। -रिया मिश्रा

वेदधारा हिंदू धर्म के भविष्य के लिए जो काम कर रहे हैं वह प्रेरणादायक है 🙏🙏 -साहिल पाठक

मैं अपनी पत्नी के स्वास्थ्य, लंबी आयु और समृद्धि के लिए प्रार्थना करता हूं।🙏🙏🙏 -कन्हैयालाल

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यशोदा और देवकी का क्या रिश्ता था?

वसुदेव और नन्दबाबा चचेरे भाई थे। देवकी वसुदेव की पत्नी थी और यशोदा नन्दबाबा की पत्नी।

जमवाय माता किसकी कुलदेवी है?

जमवाई माता कछवाहा वंश की कुलदेवी है। कछवाहा वंश राजपूतों की एक उपजाति और सूर्यवंशी है।

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इनमें से किस नदी के बारे में ऋग्वेद में उल्लेख नहीं है ?

ॐ श्रीशाय नमः। ॐ धीशाय नमः। ॐ सुगेहेशाय नमः। ॐ भाग्यदय नमः। ॐ भूतिदायकाय नमः। ॐ गोत्रपालाय नमः। ॐ क्षेत्रपालाय नमः। ॐ पशुपालाय नमः। ॐ वसुप्रदाय नमः। ॐ सौख्यदाय नमः। ॐ शुभदाय नमः। ॐ शर्मणे नमः। ॐ स....

ॐ श्रीशाय नमः।
ॐ धीशाय नमः।
ॐ सुगेहेशाय नमः।
ॐ भाग्यदय नमः।
ॐ भूतिदायकाय नमः।
ॐ गोत्रपालाय नमः।
ॐ क्षेत्रपालाय नमः।
ॐ पशुपालाय नमः।
ॐ वसुप्रदाय नमः।
ॐ सौख्यदाय नमः।
ॐ शुभदाय नमः।
ॐ शर्मणे नमः।
ॐ सर्वमङ्गलकारकाय नमः।
ॐ भुक्तिमुक्तिप्रदाय नमः।
ॐ श्रेष्ठाय नमः।
ॐ सर्वलोकहितङ्कराय नमः।
ॐ गृहाध्यक्षाय नमः।
ॐ वनाध्यक्षाय नमः।
ॐ दुर्गाध्यक्षाय नमः।
ॐ पुराधिपाय नमः।
ॐ ग्रामाधिवासिने नमः।
ॐ शैलेशाय नमः।
ॐ राष्ट्रधारिणे नमः।
ॐ प्रजापतये नमः।
ॐ जलस्थानप्रियाय नमः।
ॐ हृद्याय नमः।
ॐ देवायतनशङ्कराय नमः।
ॐ प्रपन्नार्तिहराय नमः।
ॐ पूज्याय नमः।
ॐ प्रसन्नशरणोदयाय नमः।
ॐ त्रिलोकात्मने नमः।
ॐ विश्वममूर्तये नमः।
ॐ नित्याय नमः।
ॐ भुवनमोदकाय नमः।
ॐ ब्रह्माण्डनायकाय नमः।
ॐ वन्द्याय नमः।
ॐ ब्रह्मेशानहरिप्रियाय नमः।
ॐ अग्निशीर्षाय नमः।
ॐ अनिलवक्त्राय नमः।
ॐ दित्यंबुदाधिपनेत्राय नमः।
ॐ जयन्तादितिकर्णाय नमः।
ॐ सोमार्कभुजरञ्जिताय नमः।
ॐ महेन्द्रचरकोरस्थाय नमः।
ॐ पृथ्वीधरार्यमास्तनाय नमः।
ॐ सत्यादिदेवबाहवे नमः।
ॐ रुद्रादिकरमण्डिताय नमः।
ॐ अजहृदे नमः।
ॐ वरुणोरवे नमः।
ॐ मित्रोदरविराजिताय नमः।
ॐ पित्र्यङ्घ्रिद्वयोपेताय नमः।
ॐ सुग्रीवचरणाय नमः।
ॐ एकाशीतिपदोत्पन्नाय नमः।
ॐ चतुःषष्टिपदाय नमः।
ॐ षोडशपदभूयिष्ठाय नमः।
ॐ शतपदाभिधाय नमः।
ॐ वराय नमः।
ॐ ग्रामार्वणहिताय नमः।
ॐ भद्राय नमः।
ॐ क्षेत्रार्वणवशिने नमः।
ॐ गृहार्वणविरूप्याय नमः।
ॐ दिगर्वणप्रभाविताय नमः।
ॐ प्राचीमुखाय नमः।
ॐ वारुणास्याय नमः।
ॐ दक्षिणोन्मुखाय नमः।
ॐ कौबेरीमुखवर्तिने नमः।
ॐ यथाकालप्रवर्तकाय नमः।
ॐ कुक्षिस्थशम्भुप्रणयिने नमः।
ॐ ध्वजाय शुभकृते नमः।
ॐ गजाय सुखदायिने नमः।
ॐ सिंहाय जयदायकाय नमः।
ॐ वृषभाय प्रियाय नमः।
ॐ इतराय विप्रियाय नमः।
ॐ प्राचीस्थायिने नमः।
ॐ वह्निपाकाय नमः।
ॐ याम्यशायिने नमः।
ॐ जलाशनाय नमः।
ॐ नैर्ऋतिस्थहेतिधानाय नमः।
ॐ वायवीयपशुप्रभवे नमः।
ॐ धयेशदिग्धनागाराय नमः।
ॐ ईशान्यार्चनतत्पराय नमः।
ॐ ग्रहमित्राय नमः।
ॐ दिक्पतये नमः।
ॐ तारानुगुणवर्तनाय नमः।
ॐ सुविधिप्रदानुकूलिने नमः।
ॐ शुभराशिनिवर्धनाय नमः।
ॐ शकारसप्तकश्रेष्ठाय नमः।
ॐ स्थिरलग्नवशिने नमः।
ॐ शुभवासरपूज्याय नमः।
ॐ पञचभूतहितायतये नमः।
ॐ पाञ्चालादिकवाटाय नमः।
ॐ तत्तद्दिग्द्वारशोभिताय नमः।
ॐ भूशय्यानिरताय नमः।
ॐ श्रीमते नमः।
ॐ भूशुद्धिप्रियदायकाय नमः।
ॐ शल्योन्मूलनप्रीताय नमः।
ॐ स्वादूदकनिधिप्रदाय नमः।
ॐ वन्यादिपञ्चकोन्मुक्ताय नमः।
ॐ वरदाय नमः।
ॐ वरमुहूर्त्तकाय नमः।
ॐ सद्वृक्षनिर्मितद्वाराय नमः।
ॐ सत्कर्मपरितोषिताय नमः।
ॐ अक्षयानन्दजनकाय नमः।
ॐ पुत्रपौत्रादिवर्धकाय नमः।
ॐ कालप्रियाय नमः।
ॐ कालनाथाय नमः।
ॐ कालोपासनतत्पराय नमः।
ॐ आद्यन्तरहिताय नमः।
ॐ नित्यवृद्धिपरायणाय नमः।
ॐ सत्ययुगसमुत्पन्नाय नमः।
ॐ विधिज्ञाय नमः।
ॐ सत्यधर्मविदे नमः।
ॐ वास्तुदेवाय नमः।
ॐ सुरश्रेष्ठाय नमः।
ॐ महाबलसमन्विताय नमः।
ॐ गुडान्नादाय नमः।
ॐ दोषहारिणे नमः।
ॐ शान्तिकर्मप्रियाय नमः।
ॐ गुणिने नमः।
ॐ नित्यस्वापविलोलाय नमः।
ॐ भुवनमङ्गलकारकाय नमः।
ॐ वास्तोष्पतये नमः।

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