बिलासपुर शिव मंदिर में नागराज

 

देखिये महादेव के मंदिर में, शिव जी को किस तरह लिपट के बैठे थे,नागराज |Amazing Video,Venomous Snake

 

भगवान रुद्र सबके अन्दर विराजमान होकर उनका नियंत्रण करते हैं।

उनको पहचानना ही जीवन का लक्ष्य है।

वे सौम्य हैं।

वे घोर हैं।

वे घोरों से भी घोरतर हैं।

वे सर्वसंहारी हैं।

उनके सारे स्वरूपों को नमस्कार।

हे महादेव! मुझे अजेय होने का आशीर्वाद दो।

 

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

ॐ नमः शिवाय

 

100.9K

Comments

v3Gnr
Vedadhara always inspires me and strengthens my connection to my roots. Heartfelt gratitude..Regards🌹🙏 -Rajendrakumar Jagtap

Your work for the revival of Hinduism and support for vedic gurukuls is commendable 🙏 -varshini vaish

Vedadhara's contribution to the future of Sanatan Dharma is priceless 🙏 -Prof Vidyadhar

Happy to see the wonderful work you are doing for veda pathashalas and goshalas . It's inspiration for all....🙏🙏🙏🙏 -Thanush Kumar

Very proud to suport vedadhara in its charitable work 👏 -Harita Doraiswamy

Read more comments

मृत्युञ्जय मंत्र का अर्थ

तीन नेत्रों वाले शंकर जी, जिनकी महिमा का सुगन्ध चारों ओर फैला हुआ है, जो सबके पोषक हैं, उनकी हम पूजा करते हैं। वे हमें परेशानियों और मृत्यु से इस प्रकार सहज रूप से मोचित करें जैसे खरबूजा पक जाने पर बेल से अपने आप टूट जाता है। किंतु वे हमें मोक्ष रूपी सद्गाति से न छुडावें।

शिव जी को अद्वितीय क्यों कहते हैं?

क्यों कि शिव जी ही ब्रह्मा के रूप में सृष्टि, विष्णु के रूप में पालन और रुद्र के रूप में संहार करते हैं।

Quiz

शिवजी ने सबसे पहले श्रीरामचरितमानस किसको दिया था ?
Copyright © 2024 | Vedadhara | All Rights Reserved. | Designed & Developed by Claps and Whistles
| | | | |