त्याग एको गुणः श्लाक्ख्यः

त्याग एको गुणः श्लाक्ख्यः

त्याग एको गुणः श्लाक्ख्यः किमन्यैर्गुणराशिभिः ।
त्यागाज्जगति पूज्यन्ते पशुपाषाणपादपाः ।।

दूसरे गुणों के न होने पर भी त्याग करने की क्षमता मनुष्यों को पूजनीय बना देती है । त्याग करने के कारण से ही गौ, पत्थर और वृक्ष पूजे जाते हैं ।

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