जय जय जगजननि देवि भजन

 

Jay Jay Jag Janani Devi By Kaushiki Chakravarty

 

जय जय जग जननी देवी
सुर नर मुनि असुर सेवी
भक्ति मुक्ति दायिनी
भय हरणी कालिका
मंगल मुद सिद्धि सदनी
पर्व शर्वरिश वदनी
ताप तिमिर तरुण तरणि किरण मालिका
वर्म चर्म कर कृपाण
शूल शेल धनुष बाण
धरणि धरणि दानव दल रण करालिका
पूतना पिशाच‌ प्रेत डाकिनी शाकिनि समेत
भूत ग्रह‌ बेताल खग मृगाल‌ जालिका
जय महेश भामिनी अनेक रूप नामिनी
जय महेश भामिनी अनेक रूप नामिनी
समस्त लोक स्वामिनी हिम शैल बालिका
रघुपति पद परम प्रेम तुलसी यह अचल नेम
देहु ह्वै प्रसन्न पाहि प्रणत पालिका
जय जय जग जननी देवी
सुर नर‌ मुनि असुर सेवी
भक्ति‌ मुक्ति दायिनी
भय हरणी कालिका

 

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वेदधारा का प्रभाव परिवर्तनकारी रहा है। मेरे जीवन में सकारात्मकता के लिए दिल से धन्यवाद। 🙏🏻 -Anjana Vardhan

इस परोपकारी कार्य में वेदधारा का समर्थन करते हुए खुशी हो रही है -Ramandeep

गुरुजी की शास्त्रों पर अधिकारिकता उल्लेखनीय है, धन्यवाद 🌟 -Tanya Sharma

आपका हिंदू शास्त्रों पर ज्ञान प्रेरणादायक है, बहुत धन्यवाद 🙏 -यश दीक्षित

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महाभारत का नाम क्यों पडा?

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