अलोपी देवी मंदिर, प्रयागराज - एक अनूठा मंदिर जिसमें कोई मूर्ति नहीं है

एक अनूठा मंदिर जिसमें कोई मूर्ति नहीं है

अलोपी देवी मंदिर कहाँ स्थित है?

अलोपी देवी मंदिर अलोपीबाग, प्रयागराज, उत्तर प्रदेश में स्थित है। यह त्रिवेणी संगम के पास है, जहां गंगा, यमुना, और सरस्वती नदियों का संगम होता है।

अलोपी देवी मंदिर का महत्त्व क्या है?

अलोपी देवी मंदिर​ में  मूर्ति नहीं है​ । इसके बजाय, यहाँ लकड़ी की पालकी या डोली की पूजा की जाती है। 'अलोपी' का अर्थ 'गायब हो जाना' है। यह मंदिर उन सम्मानित शक्ति पीठों में से एक है, जहां देवी सती का अंग गिरा था।

देवी सती के गायब होने की कथा क्या है?

यह मंदिर उस स्थान को चिह्नित करता है जहां देवी सती की उंगलियाँ गिरी थीं और गायब हो गयी।

गायब हुई दुल्हन की कथा क्या है?

एक अन्य लोकप्रिय कथा बताती है कि एक दुल्हन अपने बारात से रहस्यमय तरीके से गायब हो गई थी जब उसकी बारात डाकुओं द्वारा लूटी गई थी। लुटेरों ने डोली को खाली पाया, और इस चमत्कारी गायब होने के कारण इस स्थान पर मंदिर की स्थापना हुई। इस दुल्हन की पूजा अलोपी देवी, गायब हुई कन्या के रूप में की गई ।

अलोपी देवी मंदिर के खुलने का समय क्या है?

मंदिर सुबह 5:00 बजे से रात 9:30 बजे तक खुला रहता है।

अलोपी देवी मंदिर में दर्शन का सर्वश्रेष्ठ समय कब है?

मंदिर को सालभर खुला रहता है, लेकिन नवरात्रि विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, जो भक्तों की बड़ी भीड़ को आकर्षित करता है ।

अलोपी देवी मंदिर तक कैसे पहुँचा जा सकता है?

  • हवाई मार्ग से: प्रयागराज हवाई अड्डा मंदिर से लगभग 16 किमी​ दूरी पर है। वैकल्पिक रूप से,वाराणसी या लखनऊ के लिए उड़ानें लेकर सड़क मार्ग से यात्रा की जा सकती है।
  • रेल मार्ग से: निकटतम रेलवे स्टेशन प्रयागराज जंक्शन, 6 किमी दूर है।
  • सड़क मार्ग से: प्रयागराज का निकटवर्ती प्रमुख शहरों से उत्कृष्ट सड़क संपर्क है।

 

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