रघुवर तुमको मेरी लाज

रघुवर तुमको मेरी लाज ।
सदा सदा मैं सरन तिहारी,
तुम हो गरीब निवाज़ ॥
पतित उधारन बिरुद तिहारो,
स्रवनन सुनी आवाज ।
तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज …

हौं तो पतित पुरातन कहिए,
पार उतारो जहाज ॥
तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज …

अघ खंडन दुःख भंजन जन के,
यही तिहारो काज ।
तुलसीदास पर किरपा कीजै,
भक्ति दान देहु आज ॥
तुमको मेरी लाज, रघुवर तुमको मेरी लाज …

Devotional Music

Devotional Music

भक्ति गीत

Click on any topic to open

0

Copyright © 2026 | Vedadhara | All Rights Reserved. | Designed & Developed by Claps and Whistles
| | | | |
Vedahdara - Personalize

We use cookies