
ब्रह्मवैवर्त पुराण, विशेष रूप से प्रकृति खण्ड के अध्याय 27 और 28 में विभिन्न 'नरककुण्डों' का विवरण है, जो नरक में पीड़ा के गड्ढे या लोक हैं। यहाँ पीड़ा के कुण्डों, प्रत्येक से जुड़े अपराध और यातना की प्रकृति की पूरी सूची दी गई है।
वह्निकुण्डम् - अग्नि का कुण्ड
पाप: जो कठोर, जलाने वाले शब्दों से रिश्तेदारों को चोट पहुँचाता है।
सजा: पापी को आग के गड्ढे में जलाकर पीड़ा दी जाती है।
तप्तकुण्डम् - ताप का कुण्ड
पाप: जो ब्राह्मणों और मेहमानों को भोजन नहीं कराता।
सजा: आत्मा को अत्यधिक, असहनीय गर्मी के गड्ढे में डुबो दिया जाता है।
क्षारकुण्डम् - क्षार का कुण्ड
पाप: जो वर्जित दिन पर कपड़ों पर क्षारीय पदार्थों का उपयोग करता है।
सजा: संक्षारक, जलते हुए क्षार से भरे गड्ढे में डुबोकर पीड़ा देना।
विट्कुण्डम् - मल का कुण्ड
पाप: जो किसी ब्राह्मण की आजीविका छीनता है।
सजा: पापी को मल से भरे गड्ढे में रहने के लिए मजबूर किया जाता है।
मूत्रकुण्डम् - मूत्र का कुण्ड
पाप: जो दूसरे के तालाब में पेशाब करता है।
सजा: मूत्र से भरे गड्ढे में डुबोया जाना।
श्लेष्मकुण्डम् - कफ का कुण्ड
पाप: जो बिना साझा किए अकेले स्वादिष्ट भोजन करता है।
सजा: कफ के घृणित गड्ढे में डुबोना।
गरकुण्डम् - विष का कुण्ड
पाप: जो अपने माता-पिता, शिक्षक और जीवनसाथी का भरण-पोषण करने में विफल रहता है।
सजा: आत्मा को विष से भरे गड्ढे में प्रताड़ित किया जाता है।
दूषिकाकुण्डम् - कीचड़ (आंख का निर्वहन) का कुण्ड
पाप: जो किसी मेहमान को टेढ़ी या तिरस्कारपूर्ण दृष्टि से देखता है।
सजा: आंखों से निकलने वाले चिपचिपे पदार्थ से भरे गड्ढे में पीड़ा।
वसाकुण्डम् - मज्जा/वसा का कुण्ड
पाप: जो किसी ब्राह्मण को कुछ देने के बाद वही चीज किसी और को दे देता है।
सजा: पशुओं की चर्बी और मज्जा के घने गड्ढे में डुबोया जाना।
शुक्रकुण्डम् - वीर्य का कुण्ड
पाप: व्यभिचार (पुरुष जो दूसरे की पत्नी के पास जाता है या स्त्री जो दूसरे के पति के पास जाती है)।
सजा: पापी को वीर्य के गड्ढे में डुबो दिया जाता है।
असृक्कुण्डम् - रक्त का कुण्ड
पाप: जो अपने गुरु या अन्य बड़ों पर प्रहार करता है और उन्हें खून बहाता है।
सजा: खून से भरे गड्ढे में फेंका जाना।
अश्रुखण्डम् - आँसुओं का कुण्ड
पाप: जो हरि-संगीत के दौरान रोने वाले भक्त का मज़ाक उड़ाता है।
सजा: पापी को खारे आंसुओं के गड्ढे में डुबो दिया जाता है।
गात्रमलकुण्डम् - शारीरिक मल का कुण्ड
पाप: जिसका मन सदा अशुद्ध रहता है और जो दुष्टता से कार्य करता है।
सजा: शरीर की सभी प्रकार की गंदगी से भरे गड्ढे में डुबोना।
कर्णविट्कुण्डम् - कान के मैल का कुण्ड
पाप: जो किसी बहरे व्यक्ति का मज़ाक उड़ाता है।
सजा: कान के मैल से भरे गड्ढे में प्रताड़ित होना।
मज्जाकुण्डम् - मज्जा का कुण्ड
पाप: जो अपने भोजन के लालच में किसी जीव की हत्या करता है।
सजा: मज्जा के गड्ढे में डुबोना।
मांसकुण्डम् - मांस का कुण्ड
पाप: जो धन के लालच में अपनी बेटी को बेचता है।
सजा: सड़े हुए मांस के गड्ढे में फेंका जाना जहाँ जीव पापी के मांस को फाड़ देते हैं।
नखकुण्डम् - नाखूनों का कुण्ड
पाप: जो श्राद्ध या पवित्र दिनों में संयम का त्याग करता है।
सजा: एक गड्ढा जहाँ पापी को तेज नाखूनों से फाड़ दिया जाता है।
लोमकुण्डम् - बालों का कुण्ड
पाप: उपरोक्त के समान।
सजा: बालों से भरे गड्ढे में फँसना और दम घुटना।
केशकुण्डम् - सिर के बालों का कुण्ड
पाप: जो बालों वाले पार्थिव शिवलिंग का निर्माण या पूजा करता है।
सजा: बालों से भरे गड्ढे में प्रताड़ित होना।
अस्थिकुण्डम् - हड्डियों का कुण्ड
पाप: जो पितरों को पिण्ड नहीं चढ़ाता है।
सजा: तेज, टूटी हुई हड्डियों से भरे गड्ढे में फेंका जाना।
ताम्रकुण्डम् - तांबे का कुण्ड
पाप: जो गर्भवती महिला के साथ संभोग करता है।
सजा: पापी को पिघले हुए तांबे के गड्ढे में जलाया जाता है।
लौहकुण्डम् - लोहे का कुण्ड
पाप: जो अशुद्ध स्त्री का भोजन करता है।
सजा: पिघले हुए लोहे के गड्ढे में पीड़ा।
तीक्ष्णकण्टककुण्डम् - तेज कांटों का कुण्ड
पाप: स्त्री जो अपने पति पर कठोर शब्दों से प्रहार करती है।
सजा: अत्यंत नुकीले कांटों से भरे गड्ढे से छेदा और फाड़ा जाना।
विषकुण्डम् - विष का कुण्ड
पाप: जो किसी जीव को विष देकर मारता है।
सजा: पापी को विष पीने और विष के गड्ढे में पीड़ा सहने के लिए मजबूर किया जाता है।
घर्मकुण्डम् - पसीने का कुण्ड
पाप: जो पसीने से तर हाथों से दिव्य संपत्ति को छूता है।
सजा: गर्म, दुर्गंधयुक्त पसीने के गड्ढे में डुबोया जाना।
तप्तसुराकुण्डम् - गर्म शराब का कुण्ड
पाप: जो किसी नीच व्यक्ति का भोजन करता है।
सजा: पापी को उबलती हुई शराब पीने के लिए मजबूर किया जाता है।
प्रतप्ततैलकुण्डम् - गर्म तेल का कुण्ड
पाप: जो किसी बैल को डंडे से पीटता है।
सजा: उबलते तेल के गड्ढे में तला जाना।
कुन्तकुण्डम् - भालों का कुण्ड
पाप: जो तेज हथियारों से जीवों को मारता है।
सजा: भालों से बार-बार छेदा जाना।
कृमिकुण्डम् - कीड़ों का कुण्ड
पाप: ब्राह्मण जो मछली, मांस खाता है या प्रसाद का सेवन नहीं करता है।
सजा: पापी के शरीर को एक गड्ढे में कीड़े खा जाते हैं।
पूयकुण्डम् - मवाद का कुण्ड
पाप: ब्राह्मण जो नीच लोगों के लिए यज्ञ करता है या उनके अनुष्ठानों में भाग लेता है।
सजा: मवाद के एक मिचली भरे गड्ढे में डुबोया जाना।
सर्पकुण्डम् - सर्पों का कुण्ड
पाप: जो भगवान कृष्ण के चिन्ह वाले सांप को मारता है।
सजा: विषैले सर्पों से भरे गड्ढे में फेंका जाना जो पापी को लगातार काटते हैं।
मशकुण्डम् - मच्छरों का कुण्ड
पाप: जो सुरक्षा का वचन देने के बाद किसी छोटे प्राणी को मारता है।
सजा: मच्छरों और अन्य कीड़ों के झुंड द्वारा हमला किया जाना।
दंशकुण्डम् - डांओं का कुण्ड
पाप: जो सुरक्षा का वादा करने के बाद, एक बड़े जानवर को मारता है।
सजा: पापी पर बड़े, चुभने वाले डांओं द्वारा हमला किया जाता है।
गरलकुण्डम् - विष का कुण्ड
पाप: जो शहद इकट्ठा करने के लिए मक्खियों को मारता है।
सजा: घातक विष से भरे गड्ढे में पीड़ा।
वज्रदंष्ट्रकुण्डम् - वज्र जैसे दांतों का कुण्ड
पाप: जो किसी अदण्डनीय ब्राह्मण को दण्डित करता है।
सजा: हीरे जैसे कठोर दांतों वाले जानवरों द्वारा फाड़ा जाना।
वृश्चिककुण्डम् - बिच्छुओं का कुण्ड
पाप: जो धन के लालच में नागरिकों को दंडित करता है।
सजा: पापी को बिच्छुओं से भरे गड्ढे से प्रताड़ित किया जाता है।
शरकुण्डम् - बाणों का कुण्ड
पाप: एक ब्राह्मण जो हथियार रखता है और भक्ति से रहित है।
सजा: तेज तीरों से लगातार छेदा जाना।
शूलकुण्डम् - शूलों का कुण्ड
पाप: उपरोक्त के समान।
सजा: तेज शूलों पर चढ़ाया जाना।
खड्गकुण्डम् - तलवारों का कुण्ड
पाप: उपरोक्त के समान।
सजा: तलवारों से काटा जाना।
गोलकुण्डम् - गोलों (तोप के गोलों) का कुण्ड
पाप: जो मामूली अपराध के लिए लोगों को कैद करता है।
सजा: भारी लोहे के गोलों से कुचला जाना।
नक्रकुण्डम् - मगरमच्छों का कुण्ड
पाप: जो मगरमच्छों और अन्य जलीय जीवों को मारता है।
सजा: पानी के गड्ढे में मगरमच्छों द्वारा फाड़ा जाना।
काककुण्डम् - कौओं का कुण्ड
पाप: जो कामुक इरादे से दूसरे की पत्नी को घूरता है।
सजा: पापी की आँखों को तेज चोंच वाले कौवे नोच लेते हैं।
सञ्चानकुण्डम् - जालसाजी/धोखे का कुण्ड
पाप: एक सोने का चोर।
सजा: एक गड्ढा जहाँ यातना धोखे और छल से संबंधित है।
वाजकुण्डम् - पंखों/तीरों का कुण्ड
पाप: तांबे और लोहे का चोर।
सजा: तेज, पंख जैसी वस्तुओं या तीरों से छेदे जाने की सजा।
वज्रकुण्डम् - वज्र का कुण्ड
पाप: दिव्य संपत्ति या देवताओं की संपत्ति का चोर।
सजा: वज्रों द्वारा बार-बार प्रहार किया जाना।
तप्तपाषाणकुण्डम् - गर्म पत्थरों का कुण्ड
पाप: जो देवताओं या ब्राह्मणों से चांदी, गाय या कपड़े चुराता है।
सजा: पापी को झुलसते हुए गर्म पत्थरों को गले लगाने के लिए मजबूर करके जलाया जाता है।
तीक्ष्णपाषाणकुण्डम् - तेज पत्थरों का कुण्ड
पाप: जो देवताओं या द्विजों से पीतल और कांसे के बर्तन चुराता है।
सजा: तेज धार वाले पत्थरों से भरे गड्ढे से काटा और छेदा जाना।
लालाकुण्डम् - लार का कुण्ड
पाप: जो किसी वेश्या का भोजन करता है या उसकी कमाई पर रहता है।
सजा: लार के घृणित गड्ढे में निर्वाह करने के लिए मजबूर किया जाना।
मसीकुण्डम् - स्याही का कुण्ड
पाप: एक ब्राह्मण जो म्लेच्छों की सेवा करता है या एक मुंशी के रूप में रहता है।
सजा: काली, चिपचिपी स्याही के गड्ढे में डूबना।
चूर्णकुण्डम् - चूर्ण का कुण्ड
पाप: जो देवताओं या द्विजों से अनाज, पान या आसन चुराता है।
सजा: पापी के शरीर को बारीक पीस दिया जाता है।
चक्रकुण्डम् - चक्रों का कुण्ड
पाप: जो किसी ब्राह्मण की संपत्ति चुराकर उससे पहिया या चक्र बनाता है।
सजा: तेज, घूमते हुए चक्रों द्वारा काटा जाना।
वक्रकुण्डम् - कुटिलता का कुण्ड
पाप: जो ब्राह्मणों और संबंधियों के प्रति कपटपूर्ण व्यवहार करता है।
सजा: पापी के शरीर को दर्दनाक तरीके से मोड़ा जाता है।
कूर्मकुण्डम् - कछुओं का कुण्ड
पाप: एक ब्राह्मण जो हरिशयन के दौरान कछुए का मांस खाता है।
सजा: तेज चोंच वाले कछुओं द्वारा हमला किया जाना।
ज्वालाकुण्डम् - ज्वालाओं का कुण्ड
पाप: जो देवताओं या द्विजों से घी, तेल आदि चुराता है।
सजा: धधकती लपटों से भस्म होना।
भस्मकुण्डम् - राख का कुण्ड
पाप: उपरोक्त के समान।
सजा: गर्म, घुटन भरी राख के गड्ढे में डुबोया जाना।
दग्धकुण्डम् - जलने का कुण्ड
पाप: जो देवताओं या द्विजों से औषधीय फल या सुगंधित पदार्थ चुराता है।
सजा: पापी को लगातार जलाया जाता है।
तप्तशूर्म्मीकुण्डम् - गर्म लोहे की मूर्तियों का कुण्ड
पाप: जो दूसरे की भूमि पर बलपूर्वक कब्जा कर लेता है।
सजा: लाल-गर्म लोहे की मूर्तियों को गले लगाने के लिए मजबूर किया जाना।
असिपत्रकुण्डम् - तलवार-पत्तों का कुण्ड
पाप: एक हत्यारा जो धन के लालच में किसी को मारता है।
सजा: एक जंगल जहाँ पेड़ों के पत्ते तेज तलवारें होती हैं जो पापी के शरीर को चीरती हैं।
क्षुरधारकुण्डम् - उस्तरे की धार का कुण्ड
पाप: जो किसी गाँव या शहर में आग लगाता है।
सजा: पापी को उस्तरे की धार जैसी तेज धार वाले रास्तों पर चलने के लिए मजबूर किया जाता है।
सूचीमुखकुण्डम् - सुई-मुख का कुण्ड
पाप: एक निंदक जो दूसरों के दोषों की प्रशंसा करता है और वेदों की निंदा करता है।
सजा: पापी के शरीर को सुई जैसी चोंचों से छेदा जाता है।
गोधामुखकुण्डम् - गोह-मुख का कुण्ड
पाप: एक चोर जो सामान चुराने के लिए घर में घुसता है।
सजा: एक संकीर्ण, अंधेरी जगह में कैद होना और गोह जैसे चेहरे वाले जीवों द्वारा प्रताड़ित किया जाना।
नक्रमुखकुण्डम् - मगरमच्छ-मुख का कुण्ड
पाप: सामान्य वस्तुओं का चोर।
सजा: मगरमच्छ जैसे जबड़े वाले जीवों द्वारा फाड़ा जाना।
गजदंशकुण्डम् - हाथी के काटने का कुण्ड
पाप: हाथी, घोड़े या लोगों का चोर।
सजा: हाथियों के दांतों से कुचला जाना।
गोमुखकुण्डम् - गाय के मुख का कुण्ड
पाप: जो किसी गाय को पानी पीने से रोकता है।
सजा: अत्यधिक प्यास से संबंधित सजा।
कुम्भीपाककुण्डम् - बर्तन-उबलने का कुण्ड
पाप: जो गाय, स्त्री, भिखारी, भ्रूण या ब्राह्मण की हत्या करता है; वर्जित स्त्री से संभोग करता है।
सजा: पापी को तेल के एक बड़े बर्तन में जिंदा उबाला जाता है।
कालसूत्रकुण्डम् - समय/मृत्यु के धागे का कुण्ड
पाप: जो किसी वेश्या का भोजन करता है या उसके साथ संबंध रखता है।
सजा: पापी यम के अग्निमय धागे से बंधा होता है और प्रताड़ित होता है।
अवटोदकुण्डम् - कुएं के पानी का कुण्ड
पाप: एक ब्राह्मण जो व्यभिचारी महिलाओं के साथ संबंध रखता है।
सजा: गंदे पानी से भरे एक गहरे कुएं में फेंका जाना।
अरुन्तुदकुण्डम् - हृदय-विदारक कुण्ड
पाप: जो ग्रहण के वर्जित समय में भोजन करता है।
सजा: एक ऐसी सजा जो महत्वपूर्ण अंगों को तेज, चुभने वाला दर्द देती है।
पांशुभोजकुण्डम् - धूल खाने का कुण्ड
पाप: जो एक पुरुष से बेटी का विवाह करने का वादा करके उसे दूसरे को दे देता है।
सजा: पापी को धूल और मिट्टी खाने के लिए मजबूर किया जाता है।
पाशवेष्टकुण्डम् - फंदों का कुण्ड
पाप: जो दी हुई वस्तु वापस ले लेता है।
सजा: फंदों से लगातार बंधा और कसा जाना।
शूलप्रोतकुण्डम् - शूल पर चढ़ाने का कुण्ड
पाप: जो बिना भक्ति के शिवलिंग की पूजा करता है।
सजा: पापी को एक तेज त्रिशूल पर चढ़ाया जाता है।
प्रकम्पनकुण्डम् - हिंसक रूप से कांपने वाला कुण्ड
पाप: जो किसी ब्राह्मण को भयभीत करता है।
सजा: पापी को निरंतर, हिंसक झटकों के अधीन किया जाता है।
उल्कामुखकुण्डम् - उल्का-मुख का कुण्ड
पाप: एक महिला जो गुस्से में अपने पति से कठोरता से बोलती है।
सजा: किसी के चेहरे को मशालों से पीटा और जलाया जाना।
अकूपकुण्डम् - बिना कुएं का कुण्ड
पाप: एक ब्राह्मण महिला जो एक नीच व्यक्ति की रखैल बन जाती है।
सजा: एक सूखा, घुटन भरा गड्ढा जहाँ पापी को प्रताड़ित किया जाता है।
वेधनकुण्डम् - छेदने वाला कुण्ड
पाप: एक वेश्या (कई पुरुषों से संबंध रखने वाली)।
सजा: पापी के शरीर को अंतहीन रूप से तेज उपकरणों से छेदा जाता है।
दण्डताडनकुण्डम् - डंडे से पीटने का कुण्ड
पाप: एक 'युंगी' (व्यभिचारी महिला)।
सजा: डंडों से लगातार पीटा जाना।
जालबद्धकुण्डम् - जाल में बंधा कुण्ड
पाप: एक महावेश्या (आठ से अधिक पुरुषों से संबंध रखने वाली)।
सजा: जालों में फंसाया जाना और प्रताड़ित किया जाना।
देहचूर्णकुण्डम् - शरीर को चूर्ण बनाने का कुण्ड
पाप: एक अपवित्र महिला (कुलटा)।
सजा: पापी के शरीर को चूर्ण में कुचल दिया जाता है।
दलनकुण्डम् - फाड़ने वाला कुण्ड
पाप: एक स्वेच्छाचारी महिला (स्वैरिणी)।
सजा: पापी के शरीर को टुकड़ों में फाड़ दिया जाता है।
शोषणकुण्डम् - सुखाने वाला कुण्ड
पाप: एक ढीठ महिला (धृष्ट)।
सजा: जीवन शक्ति को धीरे-धीरे और दर्दनाक रूप से सुखा दिया जाता है।
कषकुण्डम् - रगड़ने/खुरचने का कुण्ड
पाप: समान जाति की महिला के साथ व्यभिचार।
सजा: पापी की त्वचा को खुरदरी वस्तुओं से खुरचा जाता है।
शूर्पकुण्डम् - सूप का कुण्ड
पाप: एक क्षत्रिय या वैश्य जो एक ब्राह्मण महिला के साथ संभोग करता है।
सजा: एक बड़े सूप में उछाला और पीटा जाना।
ज्वालामुखीकुण्डम् - ज्वालामुखी मुख का कुण्ड
पाप: झूठा वादा करने वाला, विश्वासघाती, देशद्रोही, या झूठी गवाही देने वाला।
सजा: आग के मुंह वाले जीवों द्वारा भस्म किया जाना।
जिह्मकुण्डम् - कपटी कुण्ड
पाप: जो नास्तिक है और मंदबुद्धि का उपहास करता है।
सजा: टेढ़ी-मेढ़ी और भटकाने वाली यातना का स्थान।
धूमान्धकुण्डम् - धुआं-अंधा करने वाला कुण्ड
पाप: जो देवताओं और ब्राह्मणों का धन चुराता है।
सजा: पापी को घने, तीखे धुएं के गड्ढे में अंधा और दम घुटने दिया जाता है।
नागवेष्टनकुण्डम् - सर्प-कुंडली का कुण्ड
पाप: एक ब्राह्मण जो चिकित्सक, ज्योतिषी के रूप में रहता है या कुछ वस्तुओं का व्यापार करता है।
सजा: विशाल सर्पों द्वारा संकुचित और कुचला जाना।
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