हनुमान शाबर मंत्र - चमत्कारी मंत्र प्रयोग

Hanuman Ji

हनुमान शाबर मंत्र - पञ्चमुखी 

(१) काली काली महाकाली इन्द्र की बेटी, ब्रह्मा की साली, हांक पड़े महादेव के पूजा देहुं रक्त के, भूत प्रेत मरीमसान, आवत हे पञ्चमुखी हनुमान, गदा ला चलाही, तोर गोदी ला खाही, सत के महादेव होवें तो मसान ला भगावें । दुहाई गौरी पार्वती के ।

 

(२) भाग भाग भूत भाग भाग मसान, आवत है पञ्चमुखी हनुमान, गदा ला चलाहि, तोर करेजा ला खाही, आगी में जलाही, तेल में पकाही, मन के राव, मन का दुआ करे । भूत प्रेत के पीरा ला हरे । सत् के महादेव होवे तो अमुक के रक्षा करवें, मोर अरजी विनती ला सुनवे, दुहाई पारबती दाई के ।

 

अमुक के स्थान पर पीडित व्यक्ति का नाम लेवे ।

 

एक मुट्ठी पीली सरसों को २१ बार मन्त्रित कर पीडित व्यक्ति के सिर पर घुमाकर आग में डालें, यदि मांस जलने जैसी गंध आये तो समझें दोष दूर हो गया।


 

हनुमान शाबर मंत्र -  सर्वकार्य सिद्धि के लिए

ॐ पीर बजरंगी राम लक्ष्मण के संगी, जहां जहां जाए, फतह के डंके बजाये, दुहाई माता अञ्जनि की आन ।

किसी भी कार्य के लिए घर से निकलते समय इस मंत्र का ११ बार जाप करें ।


 

हनुमानजी का आकर्षण मन्त्र

ॐ नमो आदेस गुरु का । हनुमान का ध्यान जाने, सारे रामचन्द्र के काज, भूत को वश करे, प्रेत को वश करे, वादी को मारे, धारे तेल और सिन्दूर, जासे भागे वैरी दूर, सत्य वीर हनुमान, बारह बरस का जवान, हाथ में लड्डू मुख में पान, हनुमान गुणवन्ता गजवन्ता धारे तार, गद्दी बैठे राज करन्ता, अंजनी की दुहाई, पवन पिता की दुहाई, सीता सती की दुहाई, तेरी शक्ति गुरु की भक्ति फुरो मन्त्र ईश्वरो वाचा |

 

विशाखा नक्षत्र युक्त  चन्द्र ग्रहण में जाप प्रारंभ करें । ४१ दिन में ४१ हजार जप करें । गुगल धूप दीप लड्डु व पान चढ़ावें । हनुमान जी प्रसन्न होकर सब कार्य  सिद्ध करेंगे ।

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अपने परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हूं -शोभा

is mantra ko sunne se man ko shanti milti hei -अंकिता सिंह

हरबार जब मैं इन मंत्रों को सुनता हूँ, तो मुझे बहुत शांति मिलती है -प्रकाश मिश्रा

यह वेबसाइट अत्यंत शिक्षाप्रद है।📓 -नील कश्यप

वेदधारा ने मेरी सोच बदल दी है। 🙏 -दीपज्योति नागपाल

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माथे पर तिलक, भस्म, चंदन का लेप आदि क्यों लगाते हैं?

माथे पर, खासकर दोनों भौहों के बीच की जगह को 'तीसरी आंख' या 'आज्ञा चक्र' का स्थान माना जाता है, जो आध्यात्मिक अंतर्दृष्टि और ज्ञान का प्रतीक है। यहां तिलक लगाने से आध्यात्मिक जागरूकता बढ़ने का विश्वास है। 2. तिलक अक्सर धार्मिक समारोहों के दौरान लगाया जाता है और इसे देवताओं के आशीर्वाद और सुरक्षा का प्रतीक माना जाता है। 3. तिलक की शैली और प्रकार पहनने वाले के धार्मिक संप्रदाय या पूजा करने वाले देवता का संकेत दे सकते हैं। उदाहरण के लिए, वैष्णव आमतौर पर U-आकार का तिलक लगाते हैं, जबकि शैव तीन क्षैतिज रेखाओं वाला तिलक लगाते हैं। 4. तिलक पहनना अपनी सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत को व्यक्त करने का एक तरीका है, जो अपने विश्वासों और परंपराओं की एक स्पष्ट याद दिलाता है। 5. तिलक धार्मिक शुद्धता का प्रतीक है और अक्सर स्नान और प्रार्थना करने के बाद लगाया जाता है, जो पूजा के लिए तैयार एक शुद्ध मन और शरीर का प्रतीक है। 6. तिलक पहनना भक्ति और श्रद्धा का प्रदर्शन है, जो दैनिक जीवन में दिव्य के प्रति श्रद्धा दिखाता है। 7. जिस स्थान पर तिलक लगाया जाता है, उसे एक महत्वपूर्ण एक्यूप्रेशर बिंदु माना जाता है। इस बिंदु को उत्तेजित करने से शांति और एकाग्रता बढ़ने का विश्वास है। 8. कुछ तिलक चंदन के लेप या अन्य शीतल पदार्थों से बने होते हैं, जो माथे पर एक शांत प्रभाव डाल सकते हैं। 9. तिलक लगाना हिंदू परिवारों में दैनिक अनुष्ठानों और प्रथाओं का हिस्सा है, जो सजगता और आध्यात्मिक अनुशासन के महत्व को मजबूत करता है। 10. त्योहारों और विशेष समारोहों के दौरान, तिलक एक आवश्यक तत्व है, जो उत्सव और शुभ वातावरण को जोड़ता है। संक्षेप में, माथे पर तिलक लगाना एक बहुआयामी प्रथा है, जिसमें गहरा आध्यात्मिक, सांस्कृतिक और पारंपरिक महत्व है। यह अपने विश्वास की याद दिलाता है, आध्यात्मिक चेतना को बढ़ाता है, और शुद्धता और भक्ति का प्रतीक है।

बसंत ऋतु को इंग्लिश में क्या कहते हैं?

बसंत ऋतु को इंग्लिश में Spring कहते हैं।

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