समृद्धि के लिए अन्नपूर्णा मंत्र

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वेद पाठशालाओं और गौशालाओं के लिए आप जो अच्छा काम कर रहे हैं, उसे देखकर बहुत खुशी हुई 🙏🙏🙏 -विजय मिश्रा

वेदधारा के कार्यों से हिंदू धर्म का भविष्य उज्जवल दिखता है -शैलेश बाजपेयी

आपकी वेबसाइट बहुत ही अद्भुत और जानकारीपूर्ण है। -आदित्य सिंह

जब भी मैं इस मंत्र को सुनता हूं तो मुझे अच्छा महसूस होता है 🙏🙏🙏🙏 -श्रुति गुप्ता

आपकी वेबसाइट से बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। -दिशा जोशी

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शिवार्चा में निषिद्ध पत्र-पुष्प

कदम्ब, सारहीन फूल या कठूमर, केवड़ा, शिरीष, तिन्तिणी, बकुल (मौलसिरी), कोष्ठ, कैथ, गाजर, बहेड़ा, कपास, गंभारी, पत्रकंटक, सेमल, अनार, धव, बसंत ऋतुमें खिलनेवाला कंद-विशेष, कुंद, जूही, मदन्ती, सर्ज और दोपहरियाके फूल भगवान् शंकरपर नहीं चढ़ाने चाहिये। वीरमित्रोदयमें इनका संकलन किया गया है११ ।

संत हमें क्या सिखाते हैं?

संत हमें नि:स्वार्थ, कामना रहित, पवित्र, अभिमान रहित, और सरल जीवन जीना सिखाते हैं। वे हमें ईश्वर में विश्वास के साथ, सत्य और धर्म का आचरण करके, सबसे प्रेम की भावना रखकर, श्रद्धा, क्षमा, मैत्री, दया, करुणा, और प्रसन्नता के साथ आगे बढने की प्रेरणा देते हैं।

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ज्योतिष ग्रन्थ बृहत्संहिता के रचयिता कौन है ?

ॐ ह्रीं श्रीं नमो भगवति माहेश्वरि अन्नपूर्णे स्वाहा....

ॐ ह्रीं श्रीं नमो भगवति माहेश्वरि अन्नपूर्णे स्वाहा

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