ज्ञान के लिए ललिता देवी मंत्र

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मृत्युञ्जय मंत्र का अर्थ

तीन नेत्रों वाले शंकर जी, जिनकी महिमा का सुगन्ध चारों ओर फैला हुआ है, जो सबके पोषक हैं, उनकी हम पूजा करते हैं। वे हमें परेशानियों और मृत्यु से इस प्रकार सहज रूप से मोचित करें जैसे खरबूजा पक जाने पर बेल से अपने आप टूट जाता है। किंतु वे हमें मोक्ष रूपी सद्गाति से न छुडावें।

Humidity in the atmosphere - Vedic term

Veda calls humidity in the atmosphere Agreguvah (अग्रेगुवः). It is also called Agrepuvah (अग्रेपुवः) since it purifies the atmosphere.

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एक असुर की पुत्री स्वर्ग की रानी बन गई । कौन है यह ?

कएईलह्रीं हसकहलह्रीं सकलह्रीं....

कएईलह्रीं हसकहलह्रीं सकलह्रीं

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