बुरी नजर से बचाव के लिए दुर्गा मंत्र

ॐ ह्रीं दुं दुर्गे भगवति मनोगृहमन्मथमथ जिह्वापिशाचीरुत्सादयोत्सादय हितदृष्ट्यहितदृष्टि परदृष्टि सर्पदृष्टि सर्वदृष्टि विषं नाशय नाशय हुं फट् स्वाहा । ॐ ह्रीं दुं दुर्गे भगवति मनोगृहमन्मथमथ जिह्वापिशाचीरुत्सादयोत्सादय हितदृष्ट्यहितदृष्टि परदृष्टि सर्पदृष्टि सर्वदृष्टि विषं नाशय नाशय हुं फट् स्वाहा ।

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आदित्यहृदय स्तोत्र की गलत व्याख्या की गई है

आदित्यहृदय स्तोत्र के प्रथम दो श्लोकों की प्रायः गलत व्याख्या की गई है। यह चित्रित किया जाता है कि श्रीराम जी युद्ध के मैदान पर थके हुए और चिंतित थे और उस समय अगस्त्य जी ने उन्हें आदित्य हृदय का उपदेश दिया था। अगस्त्य जी अन्य देवताओं के साथ राम रावण युध्द देखने के लिए युद्ध के मैदान में आए थे। उन्होंने क्या देखा? युद्धपरिश्रान्तं रावणं - रावण को जो पूरी तरह से थका हुआ था। समरे चिन्तया स्थितं रावणं - रावण को जो चिंतित था। उसके पास चिंतित होने का पर्याप्त कारण था क्योंकि तब तक उसकी हार निश्चित हो गई थी। यह स्पष्ट है क्योंकि इससे ठीक पहले, रावण का सारथी उसे श्रीराम जी से बचाने के लिए युद्ध के मैदान से दूर ले गया था। तब रावण ने कहा कि उसे अपनी प्रतिष्ठा बचाने के लिए युद्ध के मैदान में वापस ले जाया जाएं।

गाय को मारने से क्या होता है?

गाय को मारना ब्रह्महत्या के समान है। गाय को मारनेवाला कालसूत्र नामक नरक में जाता है। गाय को डंडे मारने वाले के हाथ काटे जाएंगे यमलोक में। जिस देश में गोहत्या होती है वह देश प्रगति नहीं करती है। वहां के लोग निष्ठुर, पापी, तामसिक और शूरता से रहित बन जाते हैं।

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हालाहल विष को पीने से पहले शिवजी ने किस मंत्र का जाप किया था ?

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