Add to Favorites आपको इयरफ़ोन/हेडफ़ोन का उपयोग करके इस ऑडियो को केवल सुनना है। साथ में जाप करने की आवश्यकता नहीं है।

Only audio above. Video below.

व्यापार में वृद्धि के लिए अथर्व वेद से मंत्र - वाणिज्य सूक्त

 

Video - अथर्व वेद से वाणिज्य सूक्त 

 

अथर्व वेद से वाणिज्य सूक्त

 

इन्द्रमहं वणिजं चोदयामि स न ऐतु पुरएता नो अस्तु । नुदन्न् अरातिं परिपन्थिनं मृगं स ईशानो धनदा अस्तु मह्यम् ॥१॥ ये पन्थानो बहवो देवयाना अन्तरा द्यावापृथिवी संचरन्ति । ते मा जुषन्तां पयसा घृतेन यथा क्रीत्वा धनमाहराणि ॥२....

इन्द्रमहं वणिजं चोदयामि स न ऐतु पुरएता नो अस्तु ।
नुदन्न् अरातिं परिपन्थिनं मृगं स ईशानो धनदा अस्तु मह्यम् ॥१॥
ये पन्थानो बहवो देवयाना अन्तरा द्यावापृथिवी संचरन्ति ।
ते मा जुषन्तां पयसा घृतेन यथा क्रीत्वा धनमाहराणि ॥२॥
इध्मेनाग्न इच्छमानो घृतेन जुहोमि हव्यं तरसे बलाय ।
यावदीशे ब्रह्मणा वन्दमान इमां धियं शतसेयाय देवीम् ॥३॥
इमामग्ने शरणिं मीमृषो नो यमध्वानमगाम दूरम् ।
शुनं नो अस्तु प्रपणो विक्रयश्च प्रतिपणः फलिनं मा कृणोतु ।
इदं हव्यं संविदानौ जुषेथां शुनं नो अस्तु चरितमुत्थितं च ॥४॥
येन धनेन प्रपणं चरामि धनेन देवा धनमिच्छमानः ।
तन् मे भूयो भवतु मा कनीयोऽग्ने सातघ्नो देवान् हविषा नि षेध ॥५॥
येन धनेन प्रपणं चरामि धनेन देवा धनमिच्छमानः ।
तस्मिन् म इन्द्रो रुचिमा दधातु प्रजापतिः सविता सोमो अग्निः ॥६॥
उप त्वा नमसा वयं होतर्वैश्वानर स्तुमः ।
स नः प्रजास्वात्मसु गोषु प्राणेषु जागृहि ॥७॥
विश्वाहा ते सदमिद्भरेमाश्वायेव तिष्ठते जातवेदः ।
रायस्पोषेण समिषा मदन्तो मा ते अग्ने प्रतिवेशा रिषाम ॥८॥

Recommended for you

 

Video - लक्ष्मी आरती - जय लक्ष्मी माता 

 

लक्ष्मी आरती - जय लक्ष्मी माता

 

 

Video - सम्पूर्ण आरती संग्रह 

 

सम्पूर्ण आरती संग्रह

 

 

Video - यशोमती मैया से बोले नंदलाला 

 

यशोमती मैया से बोले नंदलाला

 

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

Copyright © 2022 | Vedadhara | All Rights Reserved. | Designed & Developed by Claps and Whistles
| | | | |
Vedahdara - Personalize