अंधेरी शक्तियों से बचाव के लिए प्रत्यंगिरा मंत्र

सुनने का लाभ - काले जादू से बचाव

ॐ नमः कृष्णवाससे शतसहस्रकोटिसिंहासने सहस्रवदने अष्टादशभुजे महाबले महाबलपराक्रमे अजिते अपराजिते देवि महाप्रत्यङ्गिरे प्रत्यङ्गिरसे अन्यपरकर्मविध्वंसिनि परमन्त्रोच्चाटिनि परमन्त्रोत्सादिनि सर्वभूतगमिनि खें सौं प्रें ह्रीं क्रों मां सर्वोपद्रवेभ्यः सर्वापद्भ्यो रक्ष रक्ष ह्रां ह्रीं क्ष्रीं क्रों सर्वदेवानां मुखं स्तम्भय स्तम्भय सर्वविघ्नं छिन्धि छिन्धि सर्वदुष्टान् भक्षय भक्षय वक्त्रालयज्वालाजिह्वे करालवदने सर्वयन्त्राणि स्फोटय स्फोटय शृङ्खलान् त्रोटय त्रोटय प्रत्यसुरसमुद्रान् विद्रावय विद्रावय सौं रौद्रमूर्ते महाप्रत्यङ्गिरे महाविद्ये शान्तिं कुरु कुरु मम शत्रून् भक्षय भक्षय ॐ ह्रां ह्रीं ह्रूं जम्भे जम्भे मोहे मोहे स्तम्भे स्तम्भे ॐ ह्रीं हुं फट् प्रत्यङ्गिरसे स्वाहा ।

क्या इस मंत्र को सुनने के लिए दीक्षा आवश्यक है?

नहीं। दीक्षा केवल तब आवश्यक होती है जब आप मंत्र साधना करना चाहते हैं, सुनने के लिए नहीं।

लाभ प्राप्त करने के लिए बस हमारे द्वारा दिए गए मंत्रों को सुनना पर्याप्त है।

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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