मनुष्य बिना कारण ही जन्म लेता है और बिना कारण ही अचानक मर जाता है। जन्म और मरण के बारे में सुख या शोक व्यर्थ है।  महाभारत.१२.३३.२३

Parva 12 Adhyay 33 Shlok 23

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