भवसोदरी अष्टक स्तोत्र

भजतां कल्पलतिका भवभीतिविभञ्जनी ।
भ्रमराभकचा भूयाद्भव्याय भवसोदरी ॥

करनिर्जितपाथोजा शरदभ्रनिभाम्बरा ।
वरदानरता भूयाद्भव्याय भवसोदरी ॥

काम्या पयोजजनुषा नम्या सुरवरैर्मुहुः ।
रभ्याब्जवसतिर्भूयाद्भव्याय भवसोदरी ॥

कृष्णादिसुरसंसेव्या कृतान्तभयनाशिनी ।
कृपार्द्रहृदया भूयाद्भव्याय भवसोदरी ॥

मेनकादिसमाराध्या शौनकादिमुनिस्तुता ।
कनकाभतनुर्भूयाद्भव्याय भवसोदरी ॥

वरदा पदनम्रेभ्यः पारदा भववारिधेः ।
नीरदाभकचा भूयाद्भव्याय भवसोदरी ॥

विनताघहारा शीघ्रं विनतातनयार्चिता ।
पीनतायुक्कुचा भूयाद्भव्याय भवसोदरी ॥

वीणालसतपाणिपद्मा काणादमुखशास्त्रदा ।
एणाङ्कशिशुभृद्भूयाद्भव्याय भवसोदरी ॥

अष्टकं भवसोदर्याः कष्टनाशकरं द्रुतम् ।
इष्टदं सम्पठञ्छीघ्रमष्टसिद्धीरवाप्नुयात् ॥

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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