भरणी नक्षत्र

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मेष राशि के १३ अंश २० कला से २६ अंश ४० कला तक जो नक्षत्र होता है उसे भरणी कहते हैं। वैदिक खगोल विज्ञान में यह दूसरा नक्षत्र है। आधुनिक खगोल विज्ञान के अनुसार भरणी नक्षत्र में ३५, ३९ और ४१ एरियेटिस शामिल हैं। भरणी को वेदों में अपभरणी भी कहा गया है।

 

व्यक्तित्व और विशेषताएं 

भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वालों की विशेषताएं -

  • आकर्षक व्यक्तित्व
  • सौम्य व्यवहार
  • सत्यनिष्ठ
  • कार्यकुशलता
  • साहस
  • जीवन का आनन्द लेने वाला
  • धनवान
  • अपवाद सुनने वाला
  • लक्ष्य बोध से काम करना
  • कठोर हृदय
  • कला में अभिरुचि
  • सर्वदा बुराई ही देखता है
  • स्वस्थ
  • दृढ शरीर
  • अधिक कामवासना
  • प्रयास के अनुसार फल नहीं मिलता है
  • शराब और धूम्रपान की आदत
  • स्वार्थ
  • भाग्य पर विश्वास रखने वाला
  • अकृतज्ञ

 

प्रतिकूल नक्षत्र

  • रोहिणी
  • आर्द्रा
  • पुष्य
  • विशाखा वृश्चिक राशि
  • अनुराधा
  • ज्येष्ठा

भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वालों को इन दिनों महत्वपूर्ण कार्य नहीं करना चाहिए और इन नक्षत्रों में जन्मे लोगों के साथ भागीदारी नहीं करना चाहिए।

 

स्वास्थ्य

भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वालों को इन स्वास्थ्य से संबन्धित समस्याओं की संभावना है-

  • आंखों के पास चोट
  • रतिरोग
  • चर्म रोग
  • ठंड से कंपन
  • बुखार
  • गर्मी से बीमारियां

 

व्यवसाय

भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए कुछ अनुकूल व्यवसाय -

  • टी.वी., सिनेमा
  • मनोरञ्जन
  • खेलकूद
  • संगीत
  • विज्ञापन
  • प्रदर्शनी
  • रजत
  • रेशम
  • वाहन
  • खाद
  • रेलवे
  • पशु पालन
  • पशु चिकित्सा
  • चाय व काफी
  • होटल
  • न्यायाधीश
  • क्रिमिनालजी
  • चर्म उद्योग
  • इंजीनियर
  • भवन निर्माण
  • सर्जन
  • गुप्त रोग विशेषज्ञ
  • स्त्री रोग विशेषज्ञ
  • नेत्र रोग विषेषज्ञ
  • कृषि
  • प्लास्टिक उद्योग
  • खेलकूद के उपकरण
  • मांस उद्योग

 

क्या भरणी नक्षत्र वाला व्यक्ति हीरा धारण कर सकता है?

हां। भरणी नक्षत्र में जन्मे लोगों के लिए हीरा लाभदायक है।



भाग्यशाली रत्न

हीरा।

 

अनुकूल रंग

सफेद, चंदन

 

भरणी नक्षत्र में जन्मे बच्चे का नाम

 

भरणी नक्षत्र के लिए अवकहडादि पद्धति के अनुसार नाम का प्रारंभिक अक्षर हैं-

  • पहला चरण - ली
  • दूसरा चरण - लू
  • तीसरा चरण - ले
  • चौथा चरण - लो

नामकरण संस्कार के समय रखे जाने वाले पारंपरिक नक्षत्र-नाम के लिए इन अक्षरों का उपयोग किया जा सकता है।

शास्त्र के अनुसार नक्षत्र-नाम के अलावा एक व्यावहारिक नाम भी होना चाहिए जो रिकॉर्ड में आधिकारिक नाम रहेगा। उपरोक्त प्रणाली के अनुसार रखे जाने वाला नक्षत्र-नाम केवल परिवार के करीबी सदस्यों को ही पता होना चाहिए।

भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वालों के व्यावहारिक नाम इन अक्षरों से प्रारंभ न करें - अं, क्ष, च, छ, ज, झ, ञ, य, र, ल, व।

 

वैवाहिक जीवन

स्वार्थ विवाहित जीवन के लिए हानिकारक बन सकता है। भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वालों को अपने जीवन साथी की जरूरतों को समझने के लिए सचेत प्रयास करना चाहिए। अहंकार को उन्हें नियंत्रण में रखने की कोशिश करनी चाहिए। उन्हें अधिक कामवासना से सावधान रहना चाहिए।

 

उपाय

भरणी नक्षत्र में जन्म लेने वालों के लिए चन्द्र, शनि और राहु की दशाएं आमतौर पर प्रतिकूल होती हैं। वे निम्नलिखित उपाय कर सकते हैं।

 

मंत्र

ॐ यमाय नमः

 

भरणी नक्षत्र

  • स्वामी - यम
  • अधीश ग्रह - शुक्र
  • पशु - हाथी
  • वृक्ष - आंवला
  • पक्षी - शिकरा
  • भूत - पृथ्वी
  • गण - मनुष्य
  • योनि - हाथी (पुरुष)
  • नाडी - मध्य
  • प्रतीक - त्रिकोण

 

 

Author

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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