अन्नप्राशनमुहूर्त - विघ्नेश घनपाठी



विघ्नेश घनपाठी


अन्नप्राशन का अर्थ है शिशु को अन्न की शुरुआत जन्म से माँ का दूध ही पीनेवाले शिशु को  अन्नप्राशन संस्कार में पहली बार अन्न दिया जाता है

अनुकूल काल -

तिथिद्वितीया, तृतीया, पन्चमी, सप्तमी, दशमी, त्रयोदशी

वारसोमवार, बुधवार, गुरुवार, शुक्रवार

नक्षत्र – ‌अशविनी, रोहिणी, मृगशिरा, पुनर्वसू, पुष्य, ‌उत्तराफल्गुणी, हस्त, चित्रा, स्वाती, ‌अनुराधा, उत्तराषाढा, श्रवण, धनिष्ठा, शतभिषा, उत्तरा भाद्रपदा, रेवती

बालकों के लिए – जन्म से छठा महीना

बालिकाओं काजन्म से पाँचवा या सातवाँ महीना

विशेषजन्म – अनुजन्म – त्रिजन्म नक्षत्र, चन्द्राष्टम, जन्मलग्न और जन्माष्टम इस कार्य के लिए वर्जित हैं


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