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मंगेशी मंदिर की महिमा । सुनने के लिए क्लिक करें

मंगेश महादेव का मन्दिर गोवा के प्रियोल मे मंगेशी  गांव में है । इसे मंगशी मन्दिर कहते हैं ।

एक बार भोलेनाथ और पार्वतीजी कैसास पर्वत पर चौसर खेल रहे थे ।

लगातार हारने के बाद शंकर्जी को कैलास छोडना पडा ।

वे दक्षिण की ओर आये ।

सह्याद्री को पार करते हुए भगवान कुशस्थली पहुंचे जिसे वर्तमान मे करतिलम कहते हैं ।

कुशस्थली मै उनका एक परम भक्त रहता था – शिवशर्मा – जिनका दूसरा नाम था लोपेश ।

शिवशार्म के पास लिंग रूप मे प्रकट होकर शंभु उनके साथ ही रहने लगे ।

थोडे समय बाद माता पार्वती भी भगवान को खोजती हुई निकली ।

माता उन्हें खोजते खोजते कुशस्थली पहुंच गयी ।

उन्हें चिढाने के अंदाज़ में भगवान एक बाघ का रूप धारण करके उनके सामने प्रकट हुए और उन्होंने एक भयानक गर्जाना की ।

डर से माता बोली – मां गिरीश पाहि,  मां गिरीश पाहि ।

हे  कैलासनाथ मुखे बचाओ, हे कैलासनाथ मुझे बचाओ ।

तनाव से मां गिरीश – मांगीश हो गया ।

मांगीश पाहि, मांगीश पाहि ।

मंगेश महादेव का मौलिक नाम मांगीश ही है ।

पुर्तगलियों ने जब कुशस्थली या कुट्ठाल मे प्रवेश किया मंगेश महादेव को पाल्की मे विराजित करके प्रियोल लाया गया ।

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