सन्तान परमेश्वर स्तोत्र

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xmak7
आपकी वेबसाइट से बहुत सी महत्वपूर्ण जानकारी मिलती है। -दिशा जोशी

आपके मंत्रों से बहुत लाभ मिला है। 😊🙏🙏🙏 -मधुबाला

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वेदधारा की धर्मार्थ गतिविधियों में शामिल होने पर सम्मानित महसूस कर रहा हूं - समीर

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अनाहत चक्र जागरण के फायदे और लक्षण क्या हैं?

शिव संहिता के अनुसार अनाहत चक्र को जागृत करने से साधक को अपूर्व ज्ञान उत्पन्न होता है, अप्सराएं तक उस पर मोहित हो जाती हैं, त्रिकालदर्शी बन जाता है, बहुत दूर का शब्द भी सुनाई देता है, बहुत दूर की सूक्ष्म वस्तु भी दिखाई देती है, आकाश से जाने की क्षमता मिलती है, योगिनी और देवता दिखाई देते हैं, खेचरी और भूचरी मुद्राएं सिद्ध हो जाती हैं। उसे अमरत्व प्राप्त होता है। ये हैं अनाहत चक्र जागरण के लाभ और लक्षण।

खेती की उपज बढाने का मंत्र क्या है?

ॐ आरिक्षीणियम् वनस्पतियायाम् नमः । बहुतेन्द्रीयम् ब्रहत् ब्रहत् आनन्दीतम् नमः । पारवितम नमामी नमः । सूर्य चन्द्र नमायामि नमः । फुलजामिणी वनस्पतियायाम् नमः । आत्मानियामानि सद् सदु नमः । ब्रम्ह विषणु शिवम् नमः । पवित्र पावन जलम नमः । पवन आदि रघुनन्दम नमः । इति सिद्धम् ।

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पाशुपत मंत्र किसका है ?

पार्वतीसहितं स्कन्दनन्दिविघ्नेशसंयुतम्। चिन्तयामि हृदाकाशे भजतां पुत्रदं शिवम्॥ भगवन् रुद्र सर्वेश सर्वभूतदयापर। अनाथनाथ सर्वज्ञ पुत्रं देहि मम प्रभो॥ रुद्र शंभो विरूपाक्ष नीलकण्ठ महेश्वर। पूर्वजन्मकृतं ....

पार्वतीसहितं स्कन्दनन्दिविघ्नेशसंयुतम्।
चिन्तयामि हृदाकाशे भजतां पुत्रदं शिवम्॥
भगवन् रुद्र सर्वेश सर्वभूतदयापर।
अनाथनाथ सर्वज्ञ पुत्रं देहि मम प्रभो॥
रुद्र शंभो विरूपाक्ष नीलकण्ठ महेश्वर।
पूर्वजन्मकृतं पापं व्यपोह्य तनयं दिश॥
चन्द्रशेखर सर्वज्ञ कालकूटविषाशन।
मम सञ्चितपापस्य लयं कृत्वा सुतं दिश॥
त्रिपुरारे क्रतुध्वंसिन् कामाराते वृषध्वज।
कृपया मयि देवेश सुपुत्रान् देहि मे बहून्॥
अन्धकारे वृषारूढ चन्द्रवह्न्यर्कलोचन।
भक्ते मयि कृपां कृत्वा सन्तानं देहि मे प्रभो॥
कैलासशिखरावास पार्वतीस्कन्दसंयुत।
मम पुत्रं च सत्कीर्तिं ऐश्वर्यं चाशु देहि भोः॥

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