विभिन्न प्रकार के रुद्राक्ष

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😊😊😊 -Abhijeet Pawaskar

आपकी वेबसाइट बहुत ही अद्भुत और जानकारीपूर्ण है। -आदित्य सिंह

वेदधारा समाज के लिए एक महान सेवा है -शिवांग दत्ता

वेदधारा ने मेरे जीवन में बहुत सकारात्मकता और शांति लाई है। सच में आभारी हूँ! 🙏🏻 -Pratik Shinde

प्रणाम गुरूजी 🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏🙏 -प्रभास

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गौ माता में कितने देवता रहते हैं?

गौ माता में सारे ३३ करोड देवता रहते हैं। जैसे: सींग के जड़ में ब्रह्मा और विष्णु, मध्य में महादेव, नोक में सारे तीर्थ, माथे पर गौरी, नाक में कार्तिकेय, आखों में सूर्य और चंद्रमा, मुंह में सरस्वती, गले में इंद्र, अपान में श्रीलक्ष्मी, शरीर के रोमों में तैंतीस करोड देवता।

मृत्युञ्जय मंत्र का अर्थ

तीन नेत्रों वाले शंकर जी, जिनकी महिमा का सुगन्ध चारों ओर फैला हुआ है, जो सबके पोषक हैं, उनकी हम पूजा करते हैं। वे हमें परेशानियों और मृत्यु से इस प्रकार सहज रूप से मोचित करें जैसे खरबूजा पक जाने पर बेल से अपने आप टूट जाता है। किंतु वे हमें मोक्ष रूपी सद्गाति से न छुडावें।

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एक राजा कुछ समय के लिये इन्द्र के पद पर नियुक्त किया गया था । उनका नाम क्या है ?

- एकमुखी रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रतिक है। यह आध्यात्मिक और सांसारिक दोनों में फायदेमंद है। एकमुखी रुद्राक्ष धारण करके, आप धन की प्राप्ति कर सकते हैं और अपनी सभी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं। इसको प्रभावी बनाने के लिए धारण करते सम....

- एकमुखी रुद्राक्ष भगवान शिव का प्रतिक है। यह आध्यात्मिक और सांसारिक दोनों में फायदेमंद है। एकमुखी रुद्राक्ष धारण करके, आप धन की प्राप्ति कर सकते हैं और अपनी सभी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं। इसको प्रभावी बनाने के लिए धारण करते समय ॐ ह्रीं नमः - इस मंत्र का जप करें।

- द्विमुखी रुद्राक्ष, आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करने में सक्षम है। द्विमुखी रुद्राक्ष का मंत्र है ॐ नमः। इसे देवदेवेश्वर भी कहा जाता है।

- त्रिमुखी रुद्राक्ष पठाई और ज्ञान प्राप्ति में बहुत सहायक है। इसका मंत्र है क्लीं नमः।

- चतुर्मुखी रुद्राक्ष, आपको चारों पुरुषार्थ - धर्म, अर्थ, काम, और मोक्ष प्राप्त करने में मदद करता है। यह ब्रह्मा को दर्शाता है और मंत्र है ॐ ह्रीं नमः।

- पंचमुखी रुद्राक्ष कालाग्नि रुद्र का प्रतिक है। यह सभी पापों को नष्ट करता है और परेशानियों को दूर करता है। पंचमुखी रुद्राक्ष धारण करके, आप अपनी सभी इच्छाओं को पूरा कर सकते हैं। मंत्र है ॐ ह्रीं नमः।

- छह-मुखी रुद्राक्ष भगवान कार्तिकेय का प्रतिक है। यह आपको सभी समस्याओं से राहत देता है। मंत्र है ॐ ह्रीं हुं नमः।

- प्रत्येक प्रकार के रुद्राक्ष का मंत्र, आपको रुद्राक्ष को स्पर्श करते हुए प्रतिदिन कम से कम 11 बार उच्चारण करना चाहिए।

- सप्तमुखी रुद्राक्ष कामदेव का है। यह आपको तेजी से धनी बनाएगा। मंत्र है ॐ हुं नमः।

- अष्टमूर्ति रुद्राक्ष अष्टमूर्ति भैरव का प्रतीक है। यह आपको लंबा और स्वस्थ जीवन देता है। मंत्र है ॐ हुं नमः। यह अपमृत्यु और अकालमृत्यु को दूर करता है।

- नौ-मुखी रुद्राक्ष दुर्गा देवी का है और इसे धारण करके आपको शासन की शक्ति प्राप्त होती है। मंत्र है ॐ ह्रीं हुं नमः।

- दशमुखी रुद्राक्ष - यदि आप इसे धारण करते हैं, भगवान विष्णु आपकी सभी इच्छाओं को पूरा करेंगे। मंत्र है ॐ ह्रीं नमः।

- ग्यारह-मुखी रुद्राक्ष सफलता के लिए पहनी जाती है। यह रुद्र को दर्शाता है और मंत्र है ॐ ह्रीं हुं नमः।

- द्वादश मुख रुद्राक्ष शक्ति और पद प्राप्त कराता है। मंत्र है ॐ क्रौं क्षौं रौं नमः।

- त्रयोदश मुख रुद्राक्ष भाग्य और इच्छाओं की प्राप्ति के लिए है। यह विश्वेदेवों का है| मंत्र है ॐ ह्रीं नमः।

- चौदह मुख रुद्राक्ष आपकी सभी समस्याओं का हल करता है। यह परमशिव का प्रतीक है और मंत्र है ॐ नमः।

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