विषकुम्भं पयोमुखम्

परोक्षे कार्यहन्तारं प्रत्यक्षे प्रियवादिनम्|
वर्जयेत् तादृशं मित्रं विषकुम्भं पयोमुखम्|

 

जो मनुष्य सामने से प्यारी बातें बोलकर पीछे से हमारे काम को बिगाडते है वैसे लोगों से रिश्ता छोड देना चाहिए| ऐसे लोग उस कुम्भ के जैसे होते हैं, जो ऊपर से देखने पर दूध का कुम्भ लगता है पर अंदर विष से भरा हुआ होता है|

 

15.4K

Comments

npGmt
वेद पाठशालाओं और गौशालाओं का समर्थन करके आप जो प्रभाव डाल रहे हैं उसे देखकर खुशी हुई -समरजीत शिंदे

यह वेबसाइट ज्ञान का अद्वितीय स्रोत है। -रोहन चौधरी

वेदधारा की समाज के प्रति सेवा सराहनीय है 🌟🙏🙏 - दीपांश पाल

वेदधारा की धर्मार्थ गतिविधियों का हिस्सा बनकर खुश हूं 😇😇😇 -प्रगति जैन

सनातन धर्म के भविष्य के प्रति आपकी प्रतिबद्धता अद्भुत है 👍👍 -प्रियांशु

Read more comments

Knowledge Bank

अन्नदान का श्लोक क्या है?

अन्नं प्रजापतिश्चोक्तः स च संवत्सरो मतः। संवत्सरस्तु यज्ञोऽसौ सर्वं यज्ञे प्रतिष्ठितम्॥ तस्मात् सर्वाणि भूतानि स्थावराणि चराणि च। तस्मादन्नं विषिष्टं हि सर्वेभ्य इति विश्रुतम्॥

विदुर की भक्ति: धन से परे सच्ची महानता

विदुर, राजा धृतराष्ट्र के सौतेले भाई, अपने धर्म के गहरे ज्ञान और धर्म के प्रति अटूट समर्पण के लिए प्रसिद्ध थे। जब कृष्ण महायुद्ध से पहले शांति वार्ता के लिए हस्तिनापुर आए, तो उन्होंने राजमहल के बजाय विदुर के विनम्र निवास में ठहरने का चयन किया। अपने साधारण साधनों के बावजूद, विदुर ने कृष्ण की अत्यंत भक्ति और प्रेम के साथ सेवा की, सरल भोजन के साथ महान आतिथ्य का प्रदर्शन किया। कृष्ण का यह चयन विदुर की सत्यनिष्ठा और उनकी भक्ति की पवित्रता को दर्शाता है, जो भौतिक संपत्ति और शक्ति से परे है। यह कहानी सच्चे आतिथ्य के मूल्य और नैतिक सत्यनिष्ठा के महत्व को सिखाती है। यह बताती है कि सच्ची महानता और दिव्य कृपा का निर्धारण किसी की सामाजिक स्थिति या धन से नहीं होता, बल्कि हृदय की निष्कपटता और पवित्रता से होता है। कृष्ण के प्रति विदुर की विनम्र सेवा इस बात का उदाहरण है कि जीवन में किसी की स्थिति की परवाह किए बिना, दयालुता और भक्ति के कार्य ही वास्तव में महत्वपूर्ण हैं।

Quiz

कार्तिकेय के अलावा किस देवता ने मयूर को अपना वाहन बनाया था ?
Hindi Topics

Hindi Topics

सुभाषित

Click on any topic to open

Copyright © 2024 | Vedadhara | All Rights Reserved. | Designed & Developed by Claps and Whistles
| | | | |