स्वकार्ये समुपस्थिते

परोपदेशवेलायां शिष्टाः सर्वे भवन्ति हि |
विस्मरन्तीह शिष्टत्वं स्वकार्ये समुपस्थिते ||

 

जब दूसरों को उपदेश करना हो तो सब लोग शिष्ट और शास्त्रों का परिपालन करने वाले बन जाते हैं | पर जब खुद की बात आती है तो सब भूल जाते हैं कि हमें शिष्ट बनकर शास्त्र का परिपालन करना होता है |

 

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महामृत्युंजय मंत्र का बीज मंत्र क्या है?

ॐ जूँ सः - यह महामृत्युंजय मंत्र का बीज मंत्र है।

पति के किस तरफ होना चाहिए पत्नी?

सारे धार्निक शुभ कार्यों में पत्नी पति के दक्षिण भाग में रहें, इन्हें छोडकर- १. अभिषेक या अपने ऊपर कलश का तीर्थ छिडकते समय। २. ब्राह्मणॊं के पैर धोते समय। ३. ब्राह्मणों से आशीर्वाद स्वीकार करते समय। ४. सिन्दूर देते समय। ५ शांति कर्मों में। ६. मूर्ति प्रतिष्ठापन में। ७. व्रत के उद्यापन में। ८. विवाह होकर माता-पिता के घर से निकलते समय। ९. विवाह होकर पहली बार माता-पिता के घर वापस आते समय। १०. भोजन करते समय। ११. सोते समय।

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क्रुरुक्षेत्र मे युद्ध की घोषणा करते हुए सब्से पहले किसने शंख बजाया था ?
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