ज्वर गायत्री मंत्र

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बहुत उपयोगी है यह मेरे लिए - धन्यवाद 🌟 -Anuj Negi

इस मंत्र में बहुत शक्ति है। -अतुल दुबे

वेदधारा के साथ ऐसे नेक काम का समर्थन करने पर गर्व है - अंकुश सैनी

जय हो -User_se118q

आपकी वेबसाइट जानकारी से भरी हुई और अद्वितीय है। 👍👍 -आर्यन शर्मा

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कुंडेश्वर महादेव की महिमा

इस मंदिर का शिवलिंग हर साल चावल नुमा आकार में बढता रहता है।

घर पर आरती कैसे करें?

सबसे पहले देवता के मूल मंत्र से तीन बार फूल चढायें। ढोल, नगारे, शङ्ख, घण्टा आदि वाद्यों के साथ आरती करनी चाहिए। बत्तियों की संख्या विषम (जैसे १, ३, ५, ७) होनी चाहिए। आरती में दीप जलाने के लिए घी का ही प्रयोग करें। कपूर से भी आरती की जाती है। दीपमाला को सब से पहले देवता की चरणों में चार बार घुमाये, दो बार नाभिदेश में, एक बार चेहरे के पास और सात बार समस्त अङ्गोंपर घुमायें। दीपमाला से आरती करने के बाद, क्रमशः जलयुक्त शङ्ख, धुले हुए वस्त्र, आम और पीपल आदि के पत्तों से भी आरती करें। इसके बाद साष्टाङ्ग दण्डवत् प्रणाम करें।

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हनुमानजी की माता अञ्जना देवी के पति कौन है ?

भस्मायुधाय विद्महे एकदंष्ट्राय धीमहि तन्नो ज्वरः प्रचोदयात्....

भस्मायुधाय विद्महे एकदंष्ट्राय धीमहि तन्नो ज्वरः प्रचोदयात्

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