स्वास्थ्य संबंधी व्यवसाय में सफलता पाने के लिए चंद्र मंत्र

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बहुत लाभ हो रहा है ️️️️️️️️️️️️.. बहुत बहुत धन्यवाद -उदित त्यागी

अपने परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हूं -शोभा

वेदधारा की वजह से हमारी संस्कृति फल-फूल रही है 🌸 -हंसिका

वेदधारा के धर्मार्थ कार्यों में समर्थन देने पर बहुत गर्व है 🙏🙏🙏 -रघुवीर यादव

वेदधारा मंत्रों ने मुझे नई ऊर्जा दी है। -Dr Pankaj Rastogi

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राजा पृथु और पृथ्वी का दोहन

पुराणों के अनुसार, पृथ्वी ने एक समय पर सभी फसलों को अपने अंदर खींच लिया था, जिससे भोजन की कमी हो गई। राजा पृथु ने पृथ्वी से फसलें लौटाने की विनती की, लेकिन पृथ्वी ने इनकार कर दिया। इससे क्रोधित होकर पृथु ने धनुष उठाया और पृथ्वी का पीछा किया। अंततः पृथ्वी एक गाय के रूप में बदल गई और भागने लगी। पृथु के आग्रह पर, पृथ्वी ने समर्पण कर दिया और उन्हें कहा कि वे उसका दोहन करके सभी फसलों को बाहर निकाल लें। इस कथा में राजा पृथु को एक आदर्श राजा के रूप में दर्शाया गया है, जो अपनी प्रजा की भलाई के लिए संघर्ष करता है। यह कथा राजा के न्याय, दृढ़ता, और जनता की सेवा के महत्व को उजागर करती है। यह कथा मुख्य रूप से विष्णु पुराण, भागवत पुराण, और अन्य पौराणिक ग्रंथों में उल्लेखित है, जहाँ पृथु की दृढ़ता और कर्तव्यपरायणता को दर्शाया गया है।

शिवलिंग में योनि क्या है?

शिवलिंग का पीठ देवी भगवती उमा का प्रतीक है। प्रपंच की उत्पत्ति के कारण होने के अर्थ में इसे योनी भी कहते हैं।

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ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि| तन्नश्चन्द्रः प्रचोदयात्|....

ॐ क्षीरपुत्राय विद्महे अमृततत्त्वाय धीमहि|
तन्नश्चन्द्रः प्रचोदयात्|

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