आग्नेय कोण वास्तु शास्त्र में

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वास्तु शास्त्र में दक्षिण-पूर्व दिशा को आग्नेय कोण कहते हैं। आग्नेय कोण के देवता अग्नि हैं। अग्नि भगवान बहुत ही क्रोधी और कार्य में तेज हैं। उनके पास पूरी तरह से जलाकर नष्ट करने की शक्ति है। आग्नेय कोण के दोषपूर्ण वास्तु के परिणाम भी तत्काल और अत्यधिक विनाशकारी होते हैं।

आग्नेय कोण क्या होता है?

किसी इमारत या भूखंड के पूर्व और दक्षिण दिशाओं के मिलन बिंदु को आग्नेय कोण कहा जाता है।

आग्नेय कोण में क्या क्या हो सकता है?

  • घरों में- रसोई, कार्यालय, बैठक कक्ष, पोर्टिको और अतिथि कक्ष।
  • उद्योगों या कार्यशालाओं में- ट्रांसफार्मर, जनरेटर, बॉयलर, भट्टियां आदि आग्नेय कोण में रखे जा सकते हैं। यह अधिक उत्पादन और बेहतर मुनाफे के लिए अच्छा है।

आग्नेय कोण में शौचालय

केवल स्नान करने के लिए बने स्नानघर आग्नेय कोण में बनाया जा सकता है। वहां कमोड (WC)नहीं लगाना चाहिए।

आग्नेय कोण में क्या नहीं होना चाहिए?

  • शयनकक्ष - सोने के लिए आग्नेय कोण अच्छी नहीं होती है।
  • तिजोरी - धन की हानि होगी।

आग्नेय कोण में मंदिर

आग्नेय कोण में मंदिर होने से देवता नाराज हो जाते हैं।

आग्नेय कोण में मुख्य द्वार

  • ठीक आग्नेय कोण में - बच्चों के लिए परेशानी।
  • आग्नेय कोण के पूर्व में - चोरी।
  • आग्नेय कोण के दक्षिण में - पूरे परिवार के लिए परेशानी।

आग्नेय कोण में घर का विस्तार

घर को कभी भी आग्नेय कोण की ओर विस्तार / बढाई न करें। यह उस घर में रहने वालों को चिंता और विषाद रोग का कारण बन सकता है और भारी कर्ज भी हो सकता है।

विस्तारित आग्नेय कोण वाले भूखंडों का प्रभाव

  • पूर्व की ओर बढ़ा हुआ - झगड़ा, वाद-विवाद।
  • दक्षिण दिशा में बढ़ा हुआ - प्रतिष्ठा की हानि।

घर के आग्नेय कोण की ओर ज्यादा खाली जगह न छोड़ें।

आग्नेय कोण के दोषपूर्ण वास्तु के सामान्य प्रभाव

  • स्त्रीरोग संबन्धी समस्यायें।
  • घर की महिलाओं का अधार्मिक व्यवहार।
  • विवाह में देरी।
  • कानूनी समस्यायें।
  • वित्तीय समस्यायें।
  • चोरी डकायती।
  • आग संबन्धी दुर्घटनाएं।
  • स्थायी रूप से शारीरिक अक्षमता की ओर ले जाने वाली दुर्घटनाएं।

भूखंड के आग्नेय कोण से आने वाली सड़कें

  • पूर्व से आने वाली सड़क - अच्छी नहीं है।
  • दक्षिण से आने वाली सड़क - अच्छी है।

अग्नि शुद्ध है और अग्नि में शुद्ध करने की शक्ति है। जल निकासी को आग्नेय कोण से जाने न दें। आग्नेय कोण में सेप्टिक टैंक का निर्माण न करें। इससे मुकदमेबाजी या चोरी हो सकती है।

अग्नि और जल विरोधी तत्व हैं। आग्नेय कोण में कुआँ खोदने या पानी की टंकी का निर्माण करने से आग की दुर्घटनाएँ हो सकती हैं।

 

Author

Ramaswamy Sastry and Vighnesh Ghanapaathi

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