अपने आप को शुद्ध करने के लिए वेद मंत्र

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स्पष्ट उच्चारण । ऐसे ही चारों वेदों को उपलब्ध करावें । -त्रिपुण्ड्रधारी ब्राह्मण

हमारे परिवार को स्वास्थ्य खुशी प्रचुरता सुरक्षा और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए प्रार्थना करता हूं 🙏 -राकेश सिसौदिया

यह वेबसाइट ज्ञान का अद्वितीय स्रोत है। -रोहन चौधरी

दिल को शांति देने वाला यह मंत्र 💖 -शांताराम भानोसे

आपकी वेबसाइट अद्वितीय और शिक्षाप्रद है। -प्रिया पटेल

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भीष्म पितामह अपने पूर्व जन्म में कौन थे?

भीष्म जी अपने पूर्व जन्म में द्यौ थे जो अष्ट वसुओं में से एक हैं। वे सभी ऋषि वशिष्ठ के श्राप के कारण धरती पर जन्म लिए थे। उनकी मां, गंगा ने उन्हें श्राप से राहत देने के लिए जन्म के तुरंत बाद उनमें से सात को डुबो दिया। सिर्फ भीष्म जी जीवित रहे।

युद्ध में कर्ण ने भीम को क्यों नहीं मारा?

कर्ण ने कुंती को वचन दिया था कि युद्ध में अर्जुन के सिवा अन्य कुंतीपुत्रों को नहीं मारेगा।

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भावप्रकाश निघंटु किस विषय से संबधित ग्रंथ है ?

हिरण्यवर्णाः शुचयः पावका यासु जातः सविता यास्वग्निः । या अग्निं गर्भं दधिरे सुवर्णास्ता न आपः शं स्योना भवन्तु ॥१॥ यासां राजा वरुणो याति मध्ये सत्यानृते अवपश्यन् जनानाम् । या अग्निं गर्भं दधिरे सुवर्णास्ता न आपः शं स्....

हिरण्यवर्णाः शुचयः पावका यासु जातः सविता यास्वग्निः ।
या अग्निं गर्भं दधिरे सुवर्णास्ता न आपः शं स्योना भवन्तु ॥१॥
यासां राजा वरुणो याति मध्ये सत्यानृते अवपश्यन् जनानाम् ।
या अग्निं गर्भं दधिरे सुवर्णास्ता न आपः शं स्योना भवन्तु ॥२॥
यासां देवा दिवि कृण्वन्ति भक्षं या अन्तरिक्षे बहुधा भवन्ति ।
या अग्निं गर्भं दधिरे सुवर्णास्ता न आपः शं स्योना भवन्तु ॥३॥
शिवेन मा चक्षुषा पश्यतापः शिवया तन्वोप स्पृशत त्वचं मे ।
घृतश्चुतः शुचयो याः पावकास्ता न आपः शं स्योना भवन्तु ॥४॥

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