अथर्ववेद का विद्मा शरस्य सूक्त

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आपकी मेहनत से सनातन धर्म आगे बढ़ रहा है -प्रसून चौरसिया

अपने परिवार की सुरक्षा के लिए प्रार्थना करती हूं -शोभा

हमारे परिवार को स्वास्थ्य खुशी प्रचुरता सुरक्षा और नकारात्मक ऊर्जा को दूर करने के लिए प्रार्थना करता हूं 🙏 -राकेश सिसौदिया

मंत्र बहुत उपयोगी है व्यावहारिक रूप से। 🙏 -आदर्श गुप्ता

वेदधारा का कार्य सराहनीय है, धन्यवाद 🙏 -दिव्यांशी शर्मा

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कौन सा मंत्र जल्दी सिद्ध होता है?

कलौ चण्डीविनायकौ - कलयुग में चण्डी और गणेश जी के मंत्र जल्दी सिद्ध होते हैं।

कितने प्रयाग हैं ?

पांच - विष्णुप्रयाग, नन्दप्रयाग, कर्णप्रयाग, रुद्रप्रयाग, देवप्रयाग । प्रयागराज इन पांचों का मिलन स्थान माना जाता है ।

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पितरों के लिए जल इत्यादि किस प्रकार से दिये जाते हैं ?

विद्मा शरस्य पितरं पर्जन्यं भूरिधायसम् । विद्मो ष्वस्य मातरं पृथिवीं भूरिवर्पसम् ॥१॥ ज्याके परि णो नमाश्मानं तन्वं कृधि । वीडुर्वरीयोऽरातीरप द्वेषांस्या कृधि ॥२॥ वृक्षं यद्गावः परिषस्वजाना अनुस्फुरं शरमर्चन्त....

विद्मा शरस्य पितरं पर्जन्यं भूरिधायसम् ।
विद्मो ष्वस्य मातरं पृथिवीं भूरिवर्पसम् ॥१॥
ज्याके परि णो नमाश्मानं तन्वं कृधि ।
वीडुर्वरीयोऽरातीरप द्वेषांस्या कृधि ॥२॥
वृक्षं यद्गावः परिषस्वजाना अनुस्फुरं शरमर्चन्त्यृभुम् ।
शरुमस्मद्यावय दिद्युमिन्द्र ॥३॥
यथा द्यां च पृथिवीं चान्तस्तिष्ठति तेजनम् ।
एवा रोगं चास्रावं चान्तस्तिष्ठतु मुञ्ज इत्॥४॥

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